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हरिद्वार में दर्दनाक हादसाः 30 घंटे तक पुलिस-एसडीआरएफ ने खंगाला नाला! नाले में मिला छह वर्षीय विधिका का शव, परिवार की उम्मीदें मातम में बदलीं

editor
  • Awaaz Desk
  • September 09, 2026 05:09 AM
Tragic incident in Haridwar: Police and SDRF combed the drain for 30 hours! Body of six-year-old Vidhika found in the drain; family's hopes turn to grief.

हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद में सोमवार शाम बारिश के दौरान उफनाए नाले में बहकर लापता हुई छह वर्षीय मासूम विधिका की तलाश करीब 30 घंटे बाद खत्म हुई। मंगलवार रात पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने रानीपुर थाना क्षेत्र में नाले से बच्ची का शव बरामद कर लिया। मासूम का शव घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर मिला। बच्ची के शव की बरामदगी की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार शाम से ही पुलिस और बचाव दल बच्ची की तलाश में जुटे हुए थे। नाले में जमा भारी मात्रा में कूड़ा, पानी का तेज बहाव और कई स्थानों पर सीवर लाइन डाले जाने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीमों ने रात-दिन अभियान जारी रखा। मंगलवार को जेसीबी की मदद से नाले से कई टन कूड़ा बाहर निकाला गया। आखिरकार करीब 30 घंटे की लगातार तलाश के बाद टीम को नाले में बच्ची का शव दिखाई दिया।

जानकारी के मुताबिक सात सितंबर की शाम रावली महदूद क्षेत्र में बारिश हो रही थी। इसी दौरान छह वर्षीय विधिका पुत्री गौतम और सात वर्षीय हिमानी पुत्री सोहनपाल निवासी फरीदपुर, थाना कीरतपुर, बिजनौर आसपास खेल रही थीं। बारिश के कारण नाला उफान पर था। इसी दौरान दोनों बच्चियां तेज बहाव की चपेट में आ गईं और नाले में बहने लगीं। बच्चियों को नाले में बहता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की मदद से सात वर्षीय हिमानी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन छह वर्षीय विधिका तेज बहाव में आगे बह गई। देखते ही देखते बच्ची आंखों से ओझल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पुलिस को दी गई और सिडकुल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने नाले और उसके आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और नगर पालिका की टीमों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात होने के बावजूद बचाव दल ने अभियान बंद नहीं किया। टीमों ने नाले के भीतर उतरकर और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्ची की तलाश की। जहां-जहां पानी का बहाव कम था, वहां भी तलाशी अभियान चलाया गया। नाले के आगे के हिस्से में भी टीमों ने संभावित स्थानों को चिह्नित कर सर्च किया।

रावली महदूद से गुजरने वाले नाले में भारी मात्रा में कूड़ा जमा होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कई जगह नाले के भीतर कूड़े के ढेर जमा थे। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर लोगों की ओर से सीवर लाइन डाले जाने के कारण नाले के भीतर आवाजाही और तलाशी में भी दिक्कतें सामने आईं। घनी आबादी के बीच से गुजरने वाले नाले में कई स्थानों पर पानी की गहराई और बहाव अधिक था। ऐसे में एसडीआरएफ के जवानों को बेहद सावधानी के साथ तलाशी अभियान चलाना पड़ा। मंगलवार को रेस्क्यू टीमों ने जेसीबी की मदद से नाले में जमा कई टन कूड़ा बाहर निकलवाया। इसके बाद संभावित स्थानों पर दोबारा तलाशी ली गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार नाले के अलग-अलग हिस्सों में बच्ची को तलाशती रहीं। सोमवार शाम से शुरू हुआ सर्च अभियान मंगलवार रात तक जारी रहा। करीब 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रानीपुर थाना क्षेत्र में नाले के भीतर टीम को एक बच्ची का शव दिखाई दिया। टीम ने तत्काल शव को बाहर निकाला। शव की पहचान छह वर्षीय विधिका के रूप में हुई। बच्ची का शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, परिवार में मातम पसर गया। जिस मासूम को परिवार करीब 30 घंटे तक जिंदा मिलने की उम्मीद में तलाश रहा था, उसका शव मिलने से उनकी उम्मीदें टूट गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया। पुलिस की ओर से पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर मिला शव
पुलिस के मुताबिक बच्ची नाले के तेज बहाव में बहकर आगे चली गई थी। मंगलवार रात उसका शव रानीपुर थाना क्षेत्र में नाले से बरामद हुआ। यह स्थान घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर बताया जा रहा है। रेस्क्यू टीमों की लगातार तलाश के बाद आखिरकार बच्ची का शव बरामद हो सका। हादसे ने इलाके में नालों की स्थिति और बारिश के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में एक बच्ची की जान बच गई, जबकि विधिका की मौत हो गई। सात वर्षीय हिमानी को स्थानीय लोगों ने समय रहते नाले से बाहर निकाल लिया था। इसके बाद उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं विधिका के नाले में बह जाने के बाद परिवार और स्थानीय लोग उसकी तलाश में जुटे रहे। पुलिस और बचाव टीमों ने भी संभावित हर स्थान पर खोजबीन की, लेकिन करीब 30 घंटे बाद बच्ची का शव ही बरामद हो सका। सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि सात सितंबर को रावली महदूद में नाले में बहकर लापता हुई छह वर्षीय बच्ची की तलाश के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च अभियान चला रही थी। बच्ची बहकर आगे चली गई थी और रानीपुर क्षेत्र में नाले से उसका शव बरामद हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।


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