दर्दनाक सड़क हादसा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रशांत सिंह की मौत,कार में बैठते समय बस ने मारी टक्कर
दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और स्तब्ध करने वाला सड़क हादसा सामने आया है। इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बस ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रशांत सिंह को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में 29 वर्षीय प्रशांत सिंह की असमय मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार सुबह ही मृतक के शव को विशेष विमान के जरिए दिल्ली एयरलिफ्ट कर दिया गया है, जहां से उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उत्तर प्रदेश के बलिया ले जाया जाएगा।
शिप्रा थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बलिया (रेवती क्षेत्र, गाय घाट) के मूल निवासी प्रशांत सिंह अपने तीन दोस्तों के साथ किसी निजी काम से देवास आए हुए थे। गुरुवार रात करीब 11 बजे वे सभी कार से देवास से इंदौर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान शिप्रा क्षेत्र के पास उन्होंने अपनी गाड़ी सड़क किनारे रोकी। प्रशांत सिंह गाड़ी से नीचे उतरे और अपना काम निपटाकर जैसे ही वापस कार में बैठने लगे, तभी सामने से आ रही एक अनियंत्रित बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि प्रशांत के सिर में बेहद गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। कार में सवार उनके साथी उन्हें नाजुक हालत में तुरंत इंदौर के अरबिंदो अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से मृतक प्रशांत सिंह के पिता प्रदीप सिंह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चचेरे भाई हैं, इस नाते प्रशांत रिश्ते में केंद्रीय मंत्री के भतीजे थे। हादसे की सूचना मिलते ही सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई आला नेता, कलेक्टर और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आधी रात को ही अरबिंदो अस्पताल पहुंच गए। वीआईपी से जुड़ा मामला होने के कारण विशेष अनुमति लेकर रात को करीब 3 बजे ही शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। दुर्घटना के तुरंत बाद आरोपी बस चालक अपनी गाड़ी सहित मौके से तेजी से फरार हो गया। शिप्रा थाना पुलिस ने अज्ञात बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार ड्राइवर और दुर्घटनाग्रस्त बस को जल्द से जल्द ट्रेस कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके। इस दुखद घटना से रक्षा मंत्री के पैतृक गांव और पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है।