ईरान युद्ध के बीच ट्रंप ने पीएम मोदी से की बात, होर्मुज पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व की तनावपूर्ण स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिका में भारतीय राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का मुद्दा भी शामिल था।” यह बातचीत ट्रंप के उस बयान के महज 24 घंटे के अंदर हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक वार्ता हुई है और होर्मुज को फिर से खोलने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले को पांच दिन के लिए टाल दिया गया है। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारत कूटनीति के माध्यम से लगातार प्रयास कर रहा है।
पीएम मोदी ने सदन को बताया कि सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद के लिए प्रयासरत है। भारत वर्तमान में 40 से अधिक देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है और आने वाले दिनों में भी ये प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जिसका भारत पर भी असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है। “हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के संपर्क में हैं। हमारा उद्देश्य क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति है। हमने उनसे युद्ध को कम करने और होर्मुज को खोलने के बारे में बात की है,” उन्होंने कहा। मोदी ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सरकार ने सात अधिकार संपन्न नए समूह गठित किए हैं, जो एलपीजी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य क्षेत्रों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा यह युद्ध भारत के व्यापार मार्गों को प्रभावित कर रहा है। पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर इसका असर पड़ रहा है। ट्रंप-मोदी बातचीत को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच होर्मुज को खुला रखने पर हुई चर्चा भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए राहत का संकेत हो सकती है।