नैनीताल पालिका में घमासान: अध्यक्ष के आश्वासन के बाद 13 सभासदों का धरना स्थगित, 15 दिन का अल्टीमेटम
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल नगर पालिका में पिछले कई दिनों से चल रहा पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना और प्रशासनिक गतिरोध फिलहाल समाप्त हो गया है। पालिका के कुल 15 वार्डों में से 13 सभासद अपनी 11 सूत्रीय गंभीर मांगों को लेकर पालिका परिसर में डटे हुए थे, जिससे शहर के कई विकास कार्य और व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। मंगलवार दोपहर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल द्वारा धरना स्थल पर पहुंचकर सभासदों से वार्ता करने और मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का ठोस आश्वासन देने के बाद आखिरकार यह धरना स्थगित हुआ। हालांकि, नाराज सभासदों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेताया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर उनकी सभी जायज मांगें धरातल पर पूरी नहीं की गईं, तो वे बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे 'आमरण अनशन' पर बैठने को मजबूर होंगे।
धरना प्रदर्शन कर रहे 13 सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उनके द्वारा सौंपे गए 11 सूत्रीय मांग पत्र में जो सबसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं, वे इस प्रकार हैं। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है। कूड़ा निस्तारण की समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। नगर की लचर प्रकाश व्यवस्था और पूर्व में लगाए गए विद्युत पोलों में वर्तमान तक वायर (तार) न बिछाया जाना। बोर्ड की बिना अनुमति और बिना पास कराए मनमाने ढंग से विभिन्न निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित करना और पूर्व की निविदाओं में धनराशि कम करना। बांटे गए डस्टबिनों (कूड़ेदानों) में वित्तीय अनियमितता, शत्रु संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण व उसकी निविदा प्रक्रिया की जांच और लेक ब्रिज निविदा की समयावधि बढ़ाने का स्पष्ट कारण बताना। बोर्ड बैठक में स्वीकृत नियम के बावजूद प्रत्येक वार्ड को अब तक 4-4 पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मचारी) उपलब्ध न कराना। दूसरी ओर, पूरे मामले पर नैनीताल नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद से ही हर समस्या का हल निकलता है। सभासदों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे और मांगें पालिका की प्राथमिकता सूची में हैं और इन्हें जल्द से जल्द हल करने का प्रयास किया जाएगा। अध्यक्ष ने दावा किया कि नगर के सभी 15 वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सभासदों के वार्डों में जो भी तकनीकी या प्रशासनिक कमियां रह गई हैं, उन्हें विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकर तय समय सीमा के भीतर पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा। फिलहाल धरना खत्म होने से पालिका प्रशासन ने राहत की सांस ली है।