उत्तराखंड में दो दिन में बिहार के दो युवकों ने की आत्महत्या, कल छात्र तो आज नौकरी के लिए आए युवक ने उठाया आत्मघाती कदम
उत्तराखंड में महज दो दिनों के भीतर बिहार के दो युवकों की संदिग्ध आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बिहार के आरा निवासी 21 वर्षीय गौरव कुमार का शव उसके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक गौरव कुमार, पुत्र गजेंद्र सिंह, बिहार के आरा जिले के सिरसिया गांव का रहने वाला था। वह करीब 20 दिन पहले ही रोजगार की तलाश में उत्तराखंड आया था और दिनेशपुर के छत्तरपुर क्षेत्र में अपने जुड़वां भाई सौरव कुमार के साथ किराये के मकान में रह रहा था। सौरव पहले से सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत है और उसने ही बेहतर रोजगार की उम्मीद में गौरव को बिहार से बुलाया था। परिवार की योजना थी कि दोनों भाई साथ मिलकर काम करेंगे और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई। बताया जा रहा है कि बुधवार को गौरव अपने कमरे में मृत अवस्था में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की कोई आशंका नहीं थी और आखिर ऐसी क्या वजह रही, जिसने गौरव को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। दिनेशपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में भी बिहार के एक छात्र की संदिग्ध आत्महत्या का मामला सामने आया था। बीए तृतीय वर्ष के छात्र का शव उसके कमरे में मिला था। पुलिस ने उस मामले में भी आत्महत्या की आशंका जताते हुए जांच शुरू की थी। अब लगातार दूसरे दिन बिहार के एक और युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रोजगार, मानसिक दबाव और युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जाएगी।