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ऊधम सिंह नगर: SIR प्रक्रिया पर रुद्रपुर में बढ़ा सियासी घमासान! पूर्व विधायक ठुकराल धरने पर बैठे, मां को नोटिस मिलने पर उठाए सवाल

editor
  • Awaaz Desk
  • August 06, 2026 01:08 PM
Udham Singh Nagar: Political turmoil intensifies in Rudrapur over the SIR process! Former MLA Thukral sits on a protest; raises questions after his mother receives a notice.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। बाजपुर और किच्छा के बाद अब रुद्रपुर में भी इस मुद्दे पर विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपनी माता के नाम पर जारी नोटिस और एसआईआर प्रक्रिया में दर्ज कराई जा रही आपत्तियों को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान की मांग की है। धरने के दौरान राजकुमार ठुकराल ने आरोप लगाया कि एसआईआर अभियान के दौरान कुछ लोगों द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बिना ठोस आधार के दर्ज की जा रही आपत्तियों के कारण लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पूर्व विधायक ने दावा किया कि उनकी माता के नाम पर भी आपत्ति दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी माता लंबे समय से उसी पते पर निवास कर रही हैं और नियमित मतदाता हैं। इसके बावजूद नोटिस जारी होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया। राजकुमार ठुकराल ने प्रशासन से मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दर्ज की जा रही आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन मामलों में अनावश्यक या गलत आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करना है, लेकिन यदि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ तो इससे आम नागरिकों का विश्वास प्रभावित हो सकता है। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और लोगों को राहत नहीं मिली, तो वह जिलााधिकारी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका विरोध जारी रहेगा।


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