उमेशपाल हत्याकाण्डः 40 दिन बाद भी यूपी पुलिस के हाथ खाली! अभी भी फरार हैं मेन शूटर्स, सरकार ने घोषित किया है 5-5 लाख का इनाम
प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकाण्ड के 40 दिन बाद भी यूपी पुलिस मेन शूटर्स तक नहीं पहुंच पाई है। हांलाकि योगी सरकार ने सभी आरोपियों पर 5-5 लाख का इनाम घोषित किया है, लेकिन अबतक पुलिस को सफलता नहीं मिली है। पुलिस का मानना है कि अतीक के रफीक हर कदम पर मौजूद हैं, जो जांच में रोड़ा अटका रहे हैं। गोपनीयता भंग कर रहे हैं। शूटरों को भागने में मदद कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अतीक के ऐसे रफीक पुलिस विभाग में भी हैं। इसकी ताजा नजीर कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई बड़ी कार्यवाही है।
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सीओ चायल का जहां आंकिक शाखा में तबादला किया। वहीं, थानाध्यक्ष संदीपनघाट व हर्रायपुर चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले प्रयागराज पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों और जेल पुलिस के 17 कर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। ये सब अतीक अहमद के पकाए हुए भात के कुछ ही चावल हैं जबकि एसटीएफ का ऐसे सैकड़ों भेदियों से पाला पड़ रहा है। उमेश पाल हत्याकांड में मेन शूटर्स जिनका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रही है।
उत्तर प्रदेश ही नहीं अन्य आसपास के प्रान्तों में भी वायरल हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में तो हर दसवें व्यक्ति के मोबाइल में यह फुटेज देखी जा सकती है। इतना ही नहीं, मीडिया में भी 24 फरवरी से सबसे ज्यादा ट्रेडिंग है। पर उमेश पाल हत्याकांड के मेन शूटर्स को पकड़ने में योगी सरकार की पुलिस को पब्लिकली कोई मदद नहीं मिल रही है। उल्टा अतीक का रसूख और अतीक के रफीक एसटीएफ-पुलिस की जांच में रोड़ा बन रहे हैं। अतीक अहमद का शार्फ़ शूटर अरमान उर्फ अरमान बिहारी उमेशपाल हत्याकांड में मेन शूटर है। इस पर भी 5 लाख का इनाम घोषित है। इसके भागने के रूट के बारे में इनपुट मिले हैं कि यह बिहार निकल गया है। वहाँ अतीक व मुख्तार गैंग के बड़े मददगारों के यहाँ रह रहा है। पिछले 40 दिनों की गतिविधियों,धर पकड़ को देखते हुए कहा जा सकता है कि उमेशपाल हत्या कांड के 40 दिन बाद भी योगी सरकार के पुलिस के हाथ फरार पांचों मेन शूटर नहीं लगें हैं। पुलिस के पहुँचने से पहले ही वो ठिकाना बदल देते हैं। मतलब अभी भी अतीक के रसूख व अतीक के रफीक उनकी हर जगह मदद कर रहे हैं।