केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी ड्राइवरों से की संवाद! बोले- मेहनत करने वाले को मिलना चाहिए फायदा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली में ‘भारत टैक्सी’ ऐप से जुड़े कैब ड्राइवरों से संवाद करते हुए कहा कि देश में ऐसा मॉडल विकसित किया जाना चाहिए जिसमें मुनाफा किसी बड़े कॉरपोरेट मालिक के बजाय मेहनत करने वाले व्यक्ति को मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोऑपरेटिव आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ड्राइवरों को ही मालिक बनाना है। गौरतलब है कि अमित शाह ने 5 फरवरी को दिल्ली में देश का पहला कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च किया था। ड्राइवरों से बातचीत के दौरान उन्होंने पारंपरिक राइड-हेलिंग कंपनियों और भारत टैक्सी के मॉडल के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “कॉन्सेप्ट यह है कि जो मेहनत कर रहा है, उसे प्रॉफिट मिलना चाहिए, किसी अमीर आदमी को नहीं। दूसरी कंपनियों का मकसद उनके मालिकों को अमीर बनाना है, जबकि हमारे मॉडल में मालिक आप खुद हैं।”
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म सहकारिता मॉडल पर आधारित है, जहां ड्राइवर स्टेकहोल्डर होते हैं और मुनाफे के सीधे लाभार्थी भी। पारंपरिक ऐप कंपनियां जहां भारी कमीशन काटती हैं, वहीं इस मॉडल में कम कटौती और पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। इस पहल को मजबूती देने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के बीच एमओयू साइन हुआ है। इसके तहत दिल्ली के 21 स्थानों पर 34 प्रीपेड टैक्सी बूथ डिजिटल तरीके से संचालित किए जाएंगे। इससे यात्री सुरक्षा, पारदर्शिता, ड्राइवर आय और सेवा गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से एक जॉइंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें रियल-टाइम राइड मॉनिटरिंग, एसओएस अलर्ट और त्वरित आपात प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल है। यह कदम सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ भी समझौता हुआ है। इससे डिजिलॉकर, उमंग और एपीआई सेतू जैसे प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेशन संभव होगा, जिससे ड्राइवरों को पेपरलेस ऑनबोर्डिंग और कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलेगी। वहीं दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के साथ साझेदारी के तहत 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर बाइक टैक्सी, ई-ऑटो और कैब के जरिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी दी जाएगी। साथ ही एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग सर्विसेज के साथ हुए समझौतों के तहत आईजीआई एयरपोर्ट पर भारत टैक्सी को विशेष पार्किंग और पिकअप सुविधाएं मिलेंगी।सरकार का दावा है कि यह मॉडल न केवल ड्राइवरों की आय बढ़ाएगा, बल्कि देश में सहकारिता आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा।