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उपनल कर्मियों को मिली 'सेवा सुरक्षा' की सौगात: अनुबंध का नया फॉर्मेट जारी, अब मनमर्जी से नहीं हटेंगे कर्मचारी

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 13, 2026 06:05 AM
UPNL Employees Receive the Gift of 'Service Security': New Contract Format Issued; Employees Can No Longer Be Removed Arbitrarily

देहरादून। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे 20 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए शासन से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। सरकार ने इन कर्मियों की सेवा सुरक्षा को पुख्ता करते हुए अनुबंध का नया प्रारूप जारी कर दिया है। नए शासनादेश के लागू होने से न केवल कर्मियों के भविष्य को सुरक्षा मिली है, बल्कि वर्षों से चली आ रही उनकी कई मांगें भी पूरी हो गई हैं। नए अनुबंध प्रारूप की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उपनल कर्मियों की नियुक्ति 'संविदा' के आधार पर मानी जाएगी। पूर्व में जारी शर्तों में इसे 'पूर्णतया अस्थायी' बताया गया था, जिसका कर्मचारी संगठन कड़ा विरोध कर रहे थे। सरकार ने उनकी आपत्ति को स्वीकार करते हुए अब इस विवादित शर्त को हटा दिया है। यह बदलाव कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें कार्यस्थल पर स्थायित्व का अहसास कराने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। नए प्रारूप के अनुसार, उपनल कर्मियों को अब अन्य नियमित कार्मिकों की भांति अवकाश की सुविधाएं मिलेंगी। अब एक कैलेंडर वर्ष में कर्मियों को 12 दिन का आकस्मिक अवकाश,14 दिन का उपार्जित अवकाश सवेतन देय होगा। इसके अलावा, वित्त विभाग के मानकों के अनुरूप अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी अनुबंध के नए नियमों में अनुशासन और न्याय के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। यदि किसी कर्मचारी पर नियम की अवज्ञा या असंयम का आरोप लगता है, तो विभाग सीधे एकतरफा कार्रवाई कर उसे सेवा से बाहर नहीं कर सकेगा। अब संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने और सुनवाई का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था कर्मियों को अधिकारियों के संभावित उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करेगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि सेवायोजित कार्मिक के साथ अनुबंध को प्रतिवर्ष विस्तारित किया जाएगा। हालांकि, 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह सेवा स्वतः समाप्त हो जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के इस निर्णय से उपनल कर्मियों में खुशी की लहर है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह नया 'कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मेट' न केवल उनकी नौकरी को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें एक सम्मानित कार्य वातावरण भी प्रदान करेगा।


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