• Home
  • News
  • Uproar as Parliament's Monsoon Session begins: Lok Sabha adjourned until 12 PM due to massive uproar by the opposition.

संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही घमासान: विपक्ष के भारी हंगामे के चलते लोकसभा 12 बजे तक स्थगित

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 20, 2026 06:07 AM
Uproar as Parliament's Monsoon Session begins: Lok Sabha adjourned until 12 PM due to massive uproar by the opposition.

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज (सोमवार) सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुआ, सदन उम्मीद के मुताबिक भारी हंगामे और सियासी गतिरोध की भेंट चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट (NEET) पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के इस कड़े रुख और लगातार बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। सबसे पहले सदन में कतर के शेख हमद बिन खलीफ अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। इसके साथ ही, उन पूर्व लोकसभा सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई जिनका हाल ही में निधन हुआ है। शोक प्रस्ताव की इस औपचारिक प्रक्रिया के तुरंत बाद जैसे ही प्रश्नकाल की शुरुआत हुई, विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एथनॉल ब्लेंडिंग, नीट परीक्षा और अयोध्या के मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखा गतिरोध देखने को मिला, जिसके कारण सदन को स्थगित करना पड़ा। इससे पहले, मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया। वैश्विक हालातों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के मौजूदा गंभीर संकट के बावजूद, भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से उभरा है। प्रधानमंत्री ने देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए आगे कहा, "कुछ ही दिन पहले हमने ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहली ट्रेन नागरिकों को समर्पित की है। यह सफलता भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स, उद्यमियों और श्रमिकों की एकजुट मेहनत का परिणाम है, जो एक बड़े लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, इस बार का मानसून सत्र बेहद महत्वपूर्ण है। 25 दिनों की कुल अवधि वाले इस सत्र के दौरान दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। हालांकि, पहले ही दिन के तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में विधायी कार्यों के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ेगा।


 


संबंधित आलेख: