बोकारो में मची खलबली: मेडिकेंट हॉस्पिटल पर 'बम' से हमला! सायरन की गूंज से सहमे लोग, फिर सामने आया सच
बोकारो। बोकारो शहर में सोमवार रात उस वक्त अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब अचानक तेज सायरन की आवाज गूंज उठी। इसी बीच खबर फैली कि सेक्टर 12 स्थित प्रसिद्ध मेडिकेंट हॉस्पिटल और उषा पेट्रोल पंप पर 'बम' से हमला हुआ है। इस खबर को सुनते ही लोग दहशत में आ गए और अपने घरों व दुकानों से बाहर की ओर भागने लगे। हालांकि, कुछ ही देर में जब प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली कि यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और सिविल डिफेंस विभाग का एक सुनियोजित 'मॉकड्रिल' था।
रात ठीक 9:00 बजे जैसे ही उषा पेट्रोल पंप के पास आपातकालीन सायरन बजा, पूरा इलाका सन्न रह गया। देखते ही देखते सूचना मिली कि मेडिकेंट हॉस्पिटल और पेट्रोल पंप को निशाना बनाते हुए बमबारी की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बोकारो के उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) नाथू सिंह मीना दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों संवेदनशील स्थानों पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) शुरू किया गया। मलबे और धुएं के बीच से घायलों को सुरक्षित निकालकर तुरंत एम्बुलेंस के जरिए सदर अस्पताल भेजा गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित युद्ध, आपदा या आतंकी हमले जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों को परखना था। आपदा की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सिविल डिफेंस के जांबाज वॉलिंटियर्स ने राहत और बचाव कार्य का मोर्चा संभाला। चिकित्सा विभाग की टीम ने घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर तुरंत अस्पताल शिफ्ट किया। सभी विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला और बेहद कम समय में पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। सफल मॉकड्रिल के बाद मीडिया से बात करते हुए डीसी अजय नाथ झा और एसपी नाथू सिंह मीना ने बताया कि भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी राष्ट्रीय या स्थानीय आपातकालीन स्थिति का डटकर सामना करने के लिए यह अभ्यास किया गया था। अधिकारियों ने कहा, "इस मॉकड्रिल में सभी विभागों ने अत्यंत सराहनीय और त्वरित योगदान दिया। हमारी टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सबसे अच्छी बात यह रही कि इस दौरान बोकारो की आम जनता का भी पूरा सहयोग मिला। इस मॉकड्रिल की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि बोकारो जिला प्रशासन किसी भी अनहोनी या आपदा की स्थिति में शहरवासियों की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।