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गैरसैंण बजट सत्र में हंगामा: धारचूला मुद्दे पर हरीश धामी का विरोध, ‘देवभूमि परिवार’ समेत 11 विधेयक सदन में पेश

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 10, 2026 01:03 PM
Uproar in Gairsain budget session: Harish Dhami protests on Dharchula issue, 11 bills including 'Devbhoomi Parivar' introduced in the House

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हरीश धामी द्वारा धारचूला की ब्लॉक प्रमुख से जुड़ा मुद्दा उठाए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हो गया। स्थिति इतनी तीखी हो गई कि विधानसभा अध्यक्ष को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। इसके साथ ही 11 अध्यादेश और कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए गए। हालांकि कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक हरीश धामी अचानक सदन के वेल में पहुंच गए और धारचूला की ब्लॉक प्रमुख से जुड़ा मामला उठाते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नेपाली मूल की एक महिला को कथित रूप से गलत प्रमाण पत्र के आधार पर ब्लॉक प्रमुख बनाया गया है। धामी ने अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की।

धामी के आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्षी विधायकों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। अंततः स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही फिर से शुरू हुई। हंगामे के बीच सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के पटल पर रखे। इनमें सबसे अहम ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ को माना जा रहा है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस तैयार करने का प्रस्ताव है, जिसे ‘देवभूमि परिवार’ के नाम से विकसित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि वर्तमान में विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं, जिसके कारण कई बार आंकड़ों का दोहराव, सत्यापन में जटिलता और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से इन सभी आंकड़ों को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक परिवार को देवभूमि परिवार आईडी दी जाएगी, जिसमें परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को परिवार का मुखिया माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल योजनाओं का बेहतर लक्षित क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता तेजी से पहुंच सकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह विधेयक सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और राज्य के नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा। बजट सत्र के दूसरे दिन कुल 11 विधेयक पेश किए गए। इनमें उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026, उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (संशोधन) विधेयक-2026, आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक, उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026, उत्तराखंड भाषा संस्थान संशोधन विधेयक, अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक, कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं संशोधन विधेयक, समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक और देवभूमि परिवार विधेयक शामिल हैं। गैरसैंण में चल रहा यह बजट सत्र आगामी दिनों में और भी राजनीतिक गर्मी लेकर आ सकता है, क्योंकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपने बजट और नीतियों को विकासोन्मुख बताते हुए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
 


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