संसद में घमासान: मानसून सत्र के चौथे दिन भी हंगामा, मकर द्वार पर पक्ष-विपक्ष का आमने-सामने प्रदर्शन, दोनों सदन 12 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी हंगामे और सियासी तपिश का सिलसिला जारी रहा। नीट पेपर लीक, दल-बदल विरोधी कानून और संसद में अभद्र व्यवहार जैसे मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष का भारी हंगामा देखने को मिला। शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। नीट पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के तीखे विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया। संसद परिसर के मकर द्वार के निकट कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद रहीं। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ किया गया, जिन्हें दो महिला सांसदों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सदन से निलंबित किया गया है। दोनों पक्षों के प्रदर्शन के कारण संसद परिसर का राजनीतिक माहौल पूरे दिन गर्म बना रहा। राज्यसभा में लगातार हो रहे हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा के लिए शर्तें रखकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। रिजिजू ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हित में चर्चा चाहता है तो उसे बिना किसी शर्त के बहस में भाग लेना चाहिए और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सरकार हर मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी आरोपी कानून के शिकंजे से बच न सके। इधर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राज्यसभा में कामकाज स्थगित कर दल-बदल विरोधी कानून पर विस्तृत चर्चा कराने का नोटिस दिया। वहीं कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार पर तत्काल चर्चा की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में आई गंभीर खामियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है और सदन के अन्य कार्य स्थगित कर इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। सुरजेवाला ने अपने नोटिस में दावा किया कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने, लाखों अभ्यर्थियों के प्रभावित होने तथा विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सीबीएसई की डिजिटल उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन व्यवस्था में कथित कमियों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं अभिभावकों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। लगातार चौथे दिन संसद में हंगामे के कारण विधायी कार्य प्रभावित हुए। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कब खत्म होगा और क्या नीट पेपर लीक समेत अन्य अहम मुद्दों पर सदन में सार्थक चर्चा हो पाएगी। फिलहाल संसद का मानसून सत्र राजनीतिक टकराव और तीखी बयानबाजी के बीच आगे बढ़ रहा है।