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एनटीए की एक और बड़ी चूक से मचा बवाल! नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी परीक्षा केंद्र, परीक्षा से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

editor
  • Awaaz Desk
  • June 20, 2026 06:06 AM
Uproar over another major blunder by the NTA! A Nagpur student was assigned an exam center in Abu Dhabi, sparking a debate on social media just a day before the exam.

मुंबई/नागपुर। नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी एक छात्र को पुनर्परीक्षा के लिए जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में आवंटित कर दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर एनटीए की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद ने परीक्षा केंद्र के लिए अपनी प्राथमिकताओं में नागपुर, वर्धा और भंडारा का चयन किया था। पहले आयोजित नीट परीक्षा में उसे नागपुर के सरस्वती विद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया था, लेकिन पुनर्परीक्षा के लिए जारी नए एडमिट कार्ड में उसका केंद्र अबू धाबी इंडियन स्कूल दर्शाया गया। परीक्षा में महज एक दिन शेष होने के कारण छात्र और उसका परिवार गहरे तनाव में आ गया। छात्र ने बताया कि उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है, ऐसे में इतनी कम अवधि में विदेश जाकर परीक्षा देना असंभव है। परिवार का कहना है कि 24 से 48 घंटों के भीतर पासपोर्ट, वीजा और यात्रा की पूरी प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। एडमिट कार्ड में विदेश का परीक्षा केंद्र देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। मामले की जानकारी मिलते ही छात्र और उसके परिवार ने एनटीए की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद अधिकारियों ने इसे तकनीकी त्रुटि मानते हुए आश्वासन दिया कि संशोधित एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। हालांकि नया प्रवेश पत्र मिलने तक छात्र और उसके परिजन मानसिक दबाव और अनिश्चितता की स्थिति में बने हुए हैं। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने भी नाराजगी व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि एनटीए की इस गलती ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उनका कहना है कि छात्र को तत्काल नागपुर अथवा उसके निकट किसी केंद्र पर परीक्षा देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया। बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद एनटीए अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिसके बाद छात्र को आश्वासन दिया गया कि उसे नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। हालांकि परीक्षा से ठीक पहले हुई इस चूक ने लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ प्रयोग करना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उधर, एनटीए का दावा है कि 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा सामग्री को जीपीएस युक्त वाहनों के माध्यम से पुलिस सुरक्षा में केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सभी प्रमुख केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए दो लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद नागपुर के छात्र को अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित होने की घटना ने एनटीए की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।


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