जेपीएससी धांधली पर रार: सीएम हेमंत सोरेन बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई,बीजेपी का हमला,कहा-सीआईडी की कार्रवाई केवल दिखावा
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी ) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के मामले को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। सीआईडी की हालिया कार्रवाई और जेपीएससी चेयरमैन के पद से एल खियांग्ते के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सीआईडी की इस कार्रवाई को महज 'दिखावा' करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया कि सरकार शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है और उसका मुख्य उद्देश्य शहर से लेकर गांव तक आम नागरिकों के हित में काम करना है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जांच में थोड़ा समय लगता है, लेकिन हर मुद्दे को गंभीरता से दर्ज कर समाधान निकाला जा रहा है। सीएम ने जोर देकर कहा कि यह सरकार केवल सत्ता पक्ष की नहीं, बल्कि विपक्ष और राज्य के हर उस नागरिक की है, जिसने चाहे सरकार का समर्थन किया हो या न किया हो। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के वर्तमान सामाजिक व राजनीतिक माहौल पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। दिल्ली में विपक्ष के आंदोलन और राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने से जुड़े सवाल पर सीएम सोरेन ने कहा कि देश इस समय बेहद गंभीर दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को संवेदनशील होना चाहिए और इन घटनाओं को केवल राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय समाधान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में विभिन्न स्तरों पर संघर्ष देखने को मिल सकते हैं, लेकिन सरकार छात्रों, किसानों, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर पैनी नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, बीजेपी ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर सरकार को घेरना तेज कर दिया है। प्रदेश भाजपा महामंत्री अमर बाउरी ने सीआईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार की लीपापोती करार दिया। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जांच के जरिए कठोर दंडात्मक कदम उठाने का भरोसा दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताकर सड़कों पर उतरने की रणनीति बना चुकी है। देखना होगा कि सीआईडी की जांच आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेती है और विपक्ष का यह आंदोलन कितना व्यापक रूप अख्तियार करता है।