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ओमान के पास तेल टैंकर पर अमेरिकी हमला: लापता 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि,भारत ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 11, 2026 12:06 PM
US attack on oil tanker off Oman: Deaths of 3 missing Indian sailors confirmed; India summons US diplomat.

नई दिल्ली। ओमान तट के पास ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर किए गए हवाई हमले में लापता हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को इस दुखद खबर की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के बाद से लापता तीनों भारतीय क्रू मेंबर्स के पार्थिव शरीरों को बरामद कर उनकी पहचान कर ली गई है। सरकार शहीदों के शवों को ससम्मान भारत वापस लाने के लिए युद्धस्तर पर कदम उठा रही है। इस बीच, भारत सरकार ने अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

यह दर्दनाक हादसा पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप ‘सेटेबेलो’ पर हुआ। अमेरिकी सेना के हमले के वक्त इस जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय और 4 विदेशी नागरिक (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) शामिल थे। हमले के तुरंत बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन तीन नाविक लापता थे, जिनकी अब मौत हो चुकी है। यूएस सेंट्रल कमांड ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस तेल टैंकर ने ईरान से तेल ले जाने की कोशिश करके ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लागू की गई नाकाबंदी का उल्लंघन किया था। अमेरिकी बयान के अनुसार, "क्रू मेंबर्स बार-बार अमेरिकी सेना के निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने में नाकाम रहे। इसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान ने ओमान की खाड़ी से गुजर रहे इस पोत को निष्क्रिय करने के लिए इसके सीधे इंजन रूम पर सटीक गोला-बारूद दागा। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे भयंकर सैन्य टकराव के बीच हुई इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जैसे ही वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर हमले की खबर आई, भारत ने अमेरिकी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया। अमेरिकी राजनयिक को दिल्ली में तलब कर साफ शब्दों में कहा गया कि वैश्विक समुद्री समुदाय और निर्दोष नाविकों की सुरक्षा सबसे सर्वोपरि है और ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का हल केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन पूरी तरह अबाधित और सुरक्षित होना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि इनमें सवार क्रू मेंबर्स भारतीय थे, लेकिन जिन जहाजों पर हमले हुए वे विदेशी झंडे (दो पलाऊ और एक गिनी) वाले थे। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पलाऊ के झंडे वाले पोत सेटेबेलो पर हुई यह दुखद घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मोदी सरकार इस गहरे संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मृतकों के पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।


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