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उत्तराखण्डः काशीपुर में जमीन और लोन घोटाले का मामला आया सामने! 36 प्रतिशत हिस्सेदारी का झांसा देकर करोड़ों की संपत्ति कब्जाने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

editor
  • Awaaz Desk
  • April 21, 2026 12:04 PM
Uttarakhand: A land and loan scam has surfaced in Kashipur! Accused of seizing property worth crores by promising a 36 percent share, the police have launched an investigation.

काशीपुर। काशीपुर क्षेत्र में कथित स्टोन क्रेशर घोटाले को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने, फर्जीवाड़े से बैंक लोन लेने और पीड़ितों को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण में पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस को विस्तृत तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई गई है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  काशीपुर के महादेव नगर ढकिया कलां निवासी पीड़ित लखविन्दर सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2016-17 में काशीपुर निवासी अनूप अग्रवाल और उनके परिजनों ने उन्हें स्टोन क्रेशर लगाने का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने खुद को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए भरोसा दिलाया कि वे सभी जरूरी सरकारी अनुमति दिलवा देंगे और इस व्यवसाय में पीड़ित को 36 प्रतिशत हिस्सेदारी भी दी जाएगी। तहरीर में कहा गया है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से करीब छह एकड़ भूमि, जिसकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है, अपनी पत्नी रेनू अग्रवाल के नाम बैनामा करा ली। पीड़ित का आरोप है कि जमीन का भुगतान करने का वादा किया गया, लेकिन उन्हें एक भी रुपये नहीं दिया गया। इस तरह कथित रूप से धोखाधड़ी कर जमीन पर कब्जा कर लिया गया। मामले का एक और गंभीर पहलू यह है कि उक्त जमीन को ‘मुरलीवाला स्टोन इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के नाम पर बैंक में गिरवी रखकर करीब 5.25 करोड़ रुपये का लोन लिया गया। पीड़ित का कहना है कि इस लोन की राशि को भी आरोपियों ने अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया, जबकि उन्हें न तो कोई हिस्सा मिला और न ही किसी प्रकार का लेखा-जोखा दिया गया। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब पीड़ित ने अपनी जमीन और हिस्सेदारी की मांग की, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया और डराने-धमकाने का प्रयास किया। पीड़ित के अनुसार उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई, जिसके बाद वे भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनकी राजनीतिक पहुंच भी ऊंचे स्तर तक बताई जा रही है। पीड़ित ने मामले में अनूप अग्रवाल, अमोल अग्रवाल व अभिषेक कार्यवाही की मांग की है। इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। 


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