उत्तराखण्डः ग्राम प्रधानों का शक्ति प्रदर्शन! दस सूत्रीय मांगों को लेकर देहरादून में जुटे प्रदेशभर के प्रधान, परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच
देहरादून। प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर गुरुवार को उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान देहरादून पहुंचे और अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया। जिला प्रधान संगठन के पदाधिकारियों और ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की। ग्राम प्रधानों का कहना है कि गांवों के विकास और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन नहीं मिलने के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं। प्रदेश संगठन के आह्वान पर विभिन्न जिलों के प्रधान देहरादून पहुंचे और सचिवालय घेराव के कार्यक्रम में शामिल हुए। संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाने के साथ उनके अधिकारों में वृद्धि करना शामिल है। इसके अलावा ग्राम प्रधानों ने सांसदों और विधायकों की तर्ज पर ग्राम प्रधानों के लिए भी क्षेत्र विकास निधि निर्धारित करने की मांग उठाई है। प्रधान संगठन का कहना है कि इससे ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। ग्राम प्रधानों की एक प्रमुख मांग पंचायतराज एक्ट के तहत सभी 29 विभागों के कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपने की भी है। संगठन का कहना है कि पंचायतों को अधिकार दिए जाने के साथ उन्हें पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इसी क्रम में राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाले बजट में बढ़ोतरी की मांग भी की गई है। सचिवालय कूच को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सचिवालय से पहले ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की गई। इस दौरान प्रधानों और प्रशासन के बीच वार्ता की स्थिति पर भी सभी की नजर रही। प्रधान संगठन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकालने की अपील की है।