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उत्तराखण्डः हरिद्वार में गंगा तट पर नम आंखों से प्रतीक यादव को अंतिम विदाई! पूरे विधि-विधान से हुआ अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव हुईं भावुक

editor
  • Awaaz Desk
  • May 16, 2026 10:05 AM
Uttarakhand: A tearful farewell to Pratik Yadav on the banks of the Ganges in Haridwar! The ashes were immersed with full rituals, leaving Aparna Yadav emotional.

हरिद्वार। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां शुक्रवार को धर्मनगरी हरिद्वार लाई गईं, जहां हर की पैड़ी स्थित वीआईपी घाट पर पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ उनका अस्थि विसर्जन किया गया। इस दौरान गंगा तट का माहौल बेहद भावुक रहा। परिवारजनों की आंखें नम थीं और हर किसी के चेहरे पर गहरे दुख की छाया साफ दिखाई दे रही थी। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव, उनकी दोनों बेटियां, योगगुरु स्वामी रामदेव, पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव, सांसद आदित्य यादव समेत समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और परिवार के करीबी इस अंतिम संस्कार कर्म में शामिल हुए। यादव परिवार के तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थि विसर्जन संस्कार संपन्न कराया। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से मां गंगा से दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष की प्रार्थना की गई।

अस्थि कलश लेकर हरिद्वार पहुंचे सांसद आदित्य यादव ने पूरे धार्मिक विधान के साथ कर्मकांड संपन्न कराया। अस्थि विसर्जन के दौरान अपर्णा यादव बेहद भावुक नजर आईं। पति के असमय निधन से व्यथित अपर्णा ने पूरे समय स्वयं को संभालने की कोशिश की, लेकिन गंगा तट पर अंतिम विदाई के क्षणों में उनका दर्द साफ झलकता रहा। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे शोक में डूबे दिखाई दिए। इस मौके पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतीक यादव का इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़ जाना पूरे परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव गौसेवा और सनातन संस्कृति के प्रति अत्यंत समर्पित थे। यादव परिवार के तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने बताया कि अस्थि विसर्जन पूरी श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के अनुसार किया गया। उन्होंने कहा कि मां गंगा से परिवार ने प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को मोक्ष प्रदान करें और इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति दें। गौरतलब है कि 13 मई को प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में अचानक निधन हो गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।


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