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उत्तराखण्डः रामनगर के अपर कोसी में वन भूमि पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर! छावनी बना पूरा इलाका, 80 से अधिक मकानों का ध्वस्तीकरण

editor
  • Awaaz Desk
  • October 31, 2026 08:10 AM
Uttarakhand: Administration’s bulldozer rolls into action on forest land in Ramnagar’s Upper Kosi area! The entire region turned into a fortress; over 80 houses demolished.

रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने शनिवार तड़के को बड़ा अभियान चलाया। सुबह करीब 6ः30 बजे प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलना शुरू हुआ। इस अभियान के तहत करीब 80 से 82 परिवारों के कच्चे और पक्के मकानों को जमींदोज किया जा रहा है। कार्यवाही के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ अभियान के फेज-2 के तहत की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में फेज-1 के अंतर्गत इसी क्षेत्र में 51 परिवारों के अवैध कब्जे हटाए गए थे। प्रशासन ने फेज-2 के तहत 90 से अधिक परिवारों को हटाने की योजना बनाई थी। हालांकि, इनमें से करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते उन्हें फिलहाल इस ध्वस्तीकरण की जद से बाहर रखा गया है। शेष सभी चिन्हित मकानों पर प्रशासन का पीला पंजा चल रहा है। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा का पुख्ता खाका तैयार कर लिया था। पूरे प्रभावित इलाके को 4 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। मौके पर वज्र वाहन, दंगा नियंत्रण दल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात रखी गई हैं। कार्रवाई की पूर्व सूचना मिलते ही शुक्रवार देर रात से ही इलाके में अफरा-तफरी और मायूसी का माहौल दिखा। कई परिवार खुद ही हथौड़े लेकर अपने आशियानों को तोड़ने लगे, ताकि खिड़कियां, दरवाजे और ईंटें सुरक्षित निकाली जा सकें। शनिवार सुबह भी कई महिलाएं और बच्चे आंखों में आंसू लिए सड़कों पर अपनी गृहस्थी का सामान समेटते नजर आए। प्रभावितों का कहना था कि कड़ाके की ठंड की शुरुआत में उनके सिर से छत छिन जाने से वे बेसहारा हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि वन भूमि को हर हाल में कब्जामुक्त कराया जाएगा और अभियान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।


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