उत्तराखण्डः ‘बीसी खंडूड़ी अमर रहें’ के नारों के बीच अंतिम विदाई! सेना.पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी सलामी
हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) को बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां सेना और पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। मेजर जनरल खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में आमजन, राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। अंतिम यात्रा के दौरान हरिद्वार की सड़कों पर ‘बीसी खंडूड़ी अमर रहें’ के नारों के बीच लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य सरकार के कई मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी समेत कई राष्ट्रीय नेताओं के भी हरिद्वार पहुंचने की सूचना रही। इससे पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार सुबह देहरादून स्थित बसंत विहार आवास पहुंचे और मेजर जनरल खंडूड़ी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का देश और उत्तराखंड के विकास में योगदान सदैव मील का पत्थर बना रहेगा। उनके निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है। उपराष्ट्रपति ने बताया कि बीती 17 जनवरी को जब वह देहरादून आए थे, तब उन्होंने खंडूड़ी के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना था। उस दौरान दोनों नेताओं ने लोकसभा में साथ बिताए अपने पुराने संसदीय दिनों को भी याद किया था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर निधन हो गया था। वह 91 वर्ष के थे और पिछले 49 दिनों से देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार उन्हें एक अप्रैल को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच में उनकी आंतों में रक्तस्राव की पुष्टि हुई थीए जिसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह अचानक उन्हें हल्का कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका।