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उत्तराखण्डः केदारताल ट्रैक पर एवलांच और बर्फबारी ने मचाया हाहाकार! लखनऊ की दो सगी बहनों समेत 4 पर्वतारोहियों के शव मिले, 5 ट्रैकर्स अब भी लापता

editor
  • Awaaz Desk
  • November 05, 2026 07:11 AM
Uttarakhand: Avalanche and snowfall wreak havoc on the Kedartal trek! Bodies of 4 mountaineers—including two sisters from Lucknow—have been recovered; 5 trekkers remain missing.

उत्तरकाशी। पांच दिन पूर्व केदारताल मार्ग पर कच्ची ढांग के समीप आए भीषण हिमस्खलन और उसके बाद हुई भारी बर्फबारी की चपेट में आकर आठ पर्वतारोही फंस गए थे। एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीमों द्वारा चलाए गए संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान में अब तक चार पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर्स अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बरामद शवों में लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी दो सगी बहनें दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा शामिल हैं, जिनके लिए यह खूबसूरत सफर उनकी जिंदगी का अंतिम ट्रैक साबित हुआ। बहनों की तलाश में उत्तरकाशी पहुंचे उनके भाई अतुल वर्मा ने शवों की पहचान की। अतुल ने बताया कि दोनों बहनों को पहाड़ों पर ट्रैकिंग का गहरा शौक था और महज दो महीने पहले ही उन्होंने चमोली जिले में फूलों की घाटी का ट्रैक सफलतापूर्वक पूरा किया था। दूसरी ओर, हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सालबनी और केशरा गांव में कोहराम मचा हुआ है। सालबनी गांव निवासी तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), रिंटु मंडल (40), उदय घोष (30) और पड़ोस के केशरा गांव निवासी उनके साथी मनोज खोवास (39) छह दिन से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर युवक एक ही फैक्टरी में काम करते थे और छुट्टी लेकर इस दल के साथ निकले थे। ये युवक पहले भी चार बार देश के दुर्गम ट्रैक पूरे कर चुके थे। रेस्क्यू टीम ने अभियान के दौरान दो अज्ञात पुरुषों के शव भी बरामद किए हैं, जिनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पुष्टि की कि मंगलवार और बुधवार को कुल चार शव बरामद हुए हैं, जिनमें लखनऊ की दोनों बहनों की शिनाख्त हो चुकी है। बुधवार दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम फिर बिगड़ गया और भारी बर्फबारी के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। 


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