उत्तराखंड:द्रौपदी का डांडा में आया एवलांच!कई प्रशिक्षणार्थी फंसे बर्फ में,7 शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,IAF ने 2 चीता हेलीकॉप्टर किये तैनात
उत्तराखंड में मौसम कब करवट बदल लें कुछ कहा नही जा सकता।अमूमन इनदिनों चटकीली धूप खिली रहती है लेकिन इस बार पहाड़ों पर दिसम्बर से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई है। द्रोपदी का डांडा में हिमस्खलन की चपेट में आने से उत्तरकाशी स्थित नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (निम) के 30 प्रशिक्षणार्थी बर्फ में फंस गए हैं। इस हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर सेना की मदद मांगी है।
द्रौपदी का डांडा 2 पर्वत चोटी के पास हिमस्खलन में अभी तक 7 शव बरामद कर लिए गए हैं. डीजीपी के मुताबिक अभी तक 8 पर्वतारोहियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया गया है. अभी तक 25 लोग लापता बताए जा रहे हैं. बचाव और राहत कार्यों के लिए IAF ने 2 चीता हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, अन्य सभी हेलिकॉप्टरों के बेड़े को किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है.
ट्वीट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मैंने बात की और हालात के बारे में जाना। फंसे हुए पर्वतारोहियों की मदद के लिए बचाव कार्य जारी है। मैंने वायुसेना को बचाव और राहत अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी की सुरक्षा और सलामती के लिए प्रार्थना की है।
Deeply anguished by the loss of precious lives due to landslide which has struck the mountaineering expedition carried out by the Nehru Mountaineering Institute in Uttarkashi. My condolences to the bereaved families who have lost their loved ones. Okay 1/2
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 4, 2022
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करके कहा- द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन में फंसे प्रशिक्षार्थियों को जल्द से जल्द सकुशल बाहर निकालने के लिए NIM की टीम के साथ जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, सेना और ITBP के जवानों द्वारा तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करके कहा- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी से वार्ता कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने हेतु अनुरोध किया है, जिसको लेकर उन्होंने हमें केंद्र सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता देने के लिए आश्वस्त किया है, सभी को सुरक्षित निकालने हेतु रेस्क्यू अभियान चलाया जा है।