उत्तराखण्ड: युवक की हत्या के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में आरोपी की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ में हुई। मामला थाना बहादराबाद, जनपद हरिद्वार में दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार 31 जनवरी 2025 को पुलिस ने मृतक के पिता को सूचना दी थी कि उनके पुत्र का शव नहर के पास पड़ा मिला है। जांच के दौरान वर्तमान आरोपी सहित तीन लोगों की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है तथा पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। यह भी कहा गया कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और कथित बरामदगी की वैधता संदिग्ध है। बचाव पक्ष ने आरोपी के फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना से भी इनकार किया। राज्य सरकार और शिकायतकर्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, ‘लास्ट सीन’ गवाह शौकीन के बयान तथा मृतक के जूते, घड़ी और मोटरसाइकिल की आरोपी से बरामदगी जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। परिस्थितिजन्य साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता दर्शाते हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले में प्रस्तुत सामग्री प्रथमदृष्टया आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करती है। आरोपों की गंभीरता, अपराध की प्रकृति तथा गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।