उत्तराखण्ड बिग ब्रेकिंगः 30 प्रतिशत आरक्षण विधेयक को राजभवन से मिली स्वीकृति! सदन में सर्वसम्मति से पारित हुआ था विधेयक, लिंक में पढ़ें कब जारी हुआ था आदेश
देहरादून। उत्तराखण्ड से महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। खबरों की मानें तो यहां महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण विधेयक को राजभवन से स्वीकृति मिल गई है। बता दें कि यह विधेयक राजभवन में विचाराधीन था। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बीती 30 नवंबर को पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में विधेयक पारित किया था। बता दें कि प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था शासनादेश के माध्यम से की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद सरकार की ओर से उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक सदन में प्रस्तुत किया गया था। इस विधेयक को विपक्ष का भी समर्थन मिला और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बता दें कि राज्य सरकार की नौकरियों में उत्तराखंड की महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के लिए कांग्रेस की नारायण दत्त तिवारी सरकार ने 24 जुलाई 2006 को आदेश जारी किया था। याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी थी। याचिकाकर्ताओं के वकील की ओर से कहा गया था राज्य सरकार के पास राज्य के निवास स्थान पर आधारित आरक्षण प्रदान करने की शक्ति नहीं है। भारत का संविधान केवल संसद को अधिवास के आधार पर आरक्षण देने की अनुमति देता है। राज्य सरकार का वर्ष 2006 का आदेश संविधान के अनुच्छेद 14, 16, 19 और 21 का उल्लंघन है।