उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग: रातों रात मम्मी मेरे पापा कौन के पोस्टर किसने और क्यों चिपकाए? चुनाव से पहले ही उत्तराखंड की सियासत गर्मायी
उत्तराखंड में इनदिनों हर जगह चुनावी माहौल नज़र आ रहा है। इसी बीच रातों रात द्वाराहाट विधानसभा में जगह जगह लगे पोस्टरों ने खलबली मचा दी है। पोस्टर में गोद मे एक बच्चा लिए एक महिला का सांकेतिक फ़ोटो बना है जिस पर लिखा है" मम्मी मेरे पापा कौन?" इस कैप्शन के साथ ये भी लिखा है कि ऐसे में कैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ?
एक ही रात में लगे इन पोस्टरों से उत्तराखंड की समूची सियासत गर्मायी हुई है क्योंकि इन पोस्टरों को बीजेपी से जोड़ कर देखा जा रहा है। विपक्ष दलों ने बीजेपी को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। अन्य दल इन पोस्टरों को देखकर बीजेपी पर जमकर निशाना साध रहे है। इन पोस्टरों को किसने लगाया और क्यो लगाया ये अभी एक बड़ा सवाल है क्योंकि पोस्टरो में कहीं भी किसी मुद्रक का या प्रिंटिंग प्रेस का कोई नाम नही है पुलिस तक को इन पोस्टरो के लगने की भनक नही लगी और रातों रात द्वारहाट विधानसभा में जगह जगह ये पोस्टर चिपका दिए गए जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े होने लगे है।
द्वारहाट के लोगो का कहना है कि ये पोस्टर देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि इसमें बीजेपी विधायक महेश नेगी पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष किया गया है। ये पोस्टर खास उस वक्त लगाए गए है जब विधायक महेश नेगी को क्लीन चिट मिलने की खबर चारो ओर फैल गयी और इस बात पर जश्न मनाते कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी तक कर डाली।
कुछ लोग ये भी कहते दिखाई दिए कि ये पोस्टर कहीं कांग्रेस की ओर से तो नही लगाए गए है क्योंकि उत्तराखंड में बीजेपी को टक्कर केवल कांग्रेस ही दे सकती है और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बीजेपी को इस मुद्दे से ही घेरा जा सकता है।
आपको बता दें कि दुष्कर्म और शोषण के आरोप में घिरे बीजेपी विधायक महेश नेगी द्वारा किये गए दुष्कर्म की पुष्टि नही हुई थी। कोर्ट ने महेश नेगी पर दायर याचिका को निस्तारित कर दिया था। कोर्ट ने सरकार और विधायक को 13 जनवरी 2022 को शपथपत्र पेश करने के आदेश दिए है। कोर्ट में पेश की गई जांच रिपोर्ट में रेप इत्यादि की पुष्टि नही हुई है।