उत्तराखण्डः तमक नाले की आपदा में लापता BRO हवलदार का शव 12 दिन बाद बरामद! रेस्क्यू अभियान हुआ पूरा
गोपेश्वर। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र में तपोवन के समीप तमक नाले में 10 अगस्त को अतिवृष्टि के दौरान हुए हादसे में लापता सीमा सड़क संगठन (BRO) के हवलदार पंकज सिंह का शव 12 दिन बाद बरामद कर लिया गया है। गढ़वाल स्काउट आर्मी रेस्क्यू दल ने लगातार खोजबीन के बाद धौली गंगा के भलागांव के पास से पंकज सिंह का शव बरामद किया। शव मिलने के साथ ही तमक नाले में चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है। दरअसल, 10 अगस्त को नीती घाटी के तमक क्षेत्र में भारी बारिश के बाद तमक नाले में अचानक अत्यधिक पानी और मलबा आ गया था। तेज बहाव की चपेट में आने से नाले पर बना पुल और मार्ग भी प्रभावित हुआ था, जिसके कारण क्षेत्र में आवाजाही बाधित हो गई। इसी दौरान सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई से जुड़े हवलदार पंकज सिंह लापता हो गए थे। घटना के बाद से ही सेना और रेस्क्यू टीमों की ओर से उनकी तलाश लगातार जारी थी। लापता हवलदार की तलाश में गढ़वाल स्काउट आर्मी रेस्क्यू दल ने तमक नाले से लेकर आसपास के क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। 12 दिन बाद टीम को धौली गंगा के भलागांव के समीप सफलता मिली और पंकज सिंह का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जवान के शव की बरामदगी से लंबे समय से चल रहे खोज अभियान का भी अंत हो गया। तहसीलदार ज्योतिर्मठ की रिपोर्ट के अनुसार, अतिवृष्टि के कारण तमक नाले में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आया। इससे नाले पर स्थित पुल और मार्ग प्रभावित हुए। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर नाले के बहाव में तीन वाहन प्रभावित हुए। इनमें सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई के दो वाहन शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा एक पिकअप और लोडर वाहन भी नाले के तेज बहाव में बह गया। अचानक आई आपदा के कारण इलाके में काफी नुकसान हुआ और आवागमन भी प्रभावित रहा। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए परगना मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मजिस्ट्रियल जांच में अतिवृष्टि के बाद तमक नाले में आए तेज पानी और मलबे से हुई दुर्घटना के कारणों, पूरे घटनाक्रम, प्रभावित वाहनों और लापता हुए BRO जवान से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। इसके अलावा घटना के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था और परिस्थितियों का भी परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करते हुए 15 दिन के भीतर जांच आख्या उपलब्ध कराई जाए। जांच रिपोर्ट में भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों और सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।