उत्तराखंड: इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप से शुरू हुआ संपर्क बना बड़ा सुरक्षा खतरा, यूपी एसटीएफ ने सहारनपुर, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर से चार आरोपियों को दबोचा
सहारनपुर/हरिद्वार। यूपी एसटीएफ ने पाकिस्तानी गैंगस्टरों से कथित संपर्क और संदिग्ध नेटवर्क संचालित करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक फैला हुआ था। एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल चार लोगों तक सीमित नहीं है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने सबसे पहले सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र स्थित ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरुख को हिरासत में लिया। दोनों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते थे। महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था, जबकि शाहरुख उत्तराखंड के कई इलाकों में काम के सिलसिले में आता-जाता रहता था। लगातार विभिन्न राज्यों में रहने और यात्रा करने के कारण दोनों को कई शहरों और मार्गों की अच्छी जानकारी हो गई थी। एसटीएफ ने तीसरे आरोपी के रूप में हरिद्वार जिले के ढंढेरा गांव निवासी मुशर्रफ को गिरफ्तार किया है, जो मसूरी क्षेत्र के आसपास वेल्डिंग का कार्य करता था। वहीं चौथा आरोपी गगनदीप उर्फ गुरी मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर रामराज क्षेत्र का निवासी बताया गया है। वह पेशे से ट्रक चालक है और ट्रांसपोर्ट कार्य के चलते उसका कई राज्यों में लगातार आना-जाना रहता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी आवाजाही और नेटवर्क का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ यश के अनुसार आरोपियों की पहचान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे गहरे संपर्क में बदल गई।
पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए इन युवकों को प्रभावित किया गया और बाद में विभिन्न राज्यों में गतिविधियां संचालित कराई जाने लगीं। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों के संपर्क किन-किन व्यक्तियों से थे, उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही थी और उनका नेटवर्क कितना व्यापक था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तरों पर जांच की जा रही है। चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। इधर आरोपियों के परिजनों ने उन्हें निर्दोष बताया है। आरोपी महकाब के चाचा फुरकान ने दावा किया कि एटीएस ने हरियाणा से महकाब को हिरासत में लिया था और पूछताछ के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने परिवार से सहयोग मांगा था और जरूरत पड़ने पर पेश करने को कहा गया था। बाद में दोबारा बुलावे पर महकाब के पिता स्वयं उसे लेकर गए। वहीं शाहरुख के पिता इकराम का कहना है कि उन्हें कभी इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक शाहरुख पिछले डेढ़ महीने से देहरादून में काम कर रहा था और बीच-बीच में गांव आता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि वह किसी पाकिस्तानी व्यक्ति से जुड़े व्हॉट्सएप ग्रुप में शामिल था। घटना के बाद ढिक्का कलां गांव में भी हैरानी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि महकाब और शाहरुख सामान्य व्यवहार वाले युवक थे और गांव में ज्यादा मेलजोल भी नहीं रखते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि उनके खिलाफ इतने गंभीर आरोप सामने आएंगे। परिवारों ने फिलहाल मीडिया से दूरी बना रखी है।