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उत्तराखण्डः मौसम के तल्ख तेवर! पहाड़ों में मलबा-बोल्डर गिरने से कई संपर्क मार्ग प्रभावित! नदी-नाले उफान पर

editor
  • Awaaz Desk
  • August 16, 2026 01:08 PM
Uttarakhand: Harsh weather conditions! Several access routes in the mountains affected by falling debris and boulders; rivers and streams in spate.

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी देहरादून में रविवार को झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के चार जिलों नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। कई मार्गों पर भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में मौसम के ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बेहद जरूरी होने पर ही सावधानी के साथ सफर करने की सलाह दी गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

लगातार बारिश का असर प्रदेश की सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है। पहाड़ी जिलों में कई संपर्क मार्गों पर मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हुआ है। कुछ स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है और उनका समय भी अधिक लग रहा है। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अचानक मलबा आने और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यात्रियों से सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की जा रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई नदी-नाले भी उफान पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर नदी और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसे देखते हुए नदी, नालों और बरसाती गदेरों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें। पर्यटकों और यात्रियों को भी जलधाराओं के बेहद करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग भी सक्रिय हो गया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, भूस्खलन और नदी-नालों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


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