उत्तराखण्डः फुटहिल और भूस्खलन संभावित इलाकों में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट की सख्ती! देहरादून विकास प्राधिकरण को बनाया गया पक्षकार
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून जिले की पहाड़ियों की तलहटी में अवैध रूप से बड़े स्तर पर निर्माण होने के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए, पूर्व के आदेशों, जिसमें कोर्ट की खंडपीठ ने एमडीडीए, जैव विविधता बोर्ड व अन्य द्वारा जबाव न दाखिल करने पर देहरादून विकास प्राधिकरण को पक्षकार बनाने के आदेश दिए दिए हैं। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि देहरादून निवासी रेनू पॉल द्वारा 2021 में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने देहरादून के फुटहिल व खासकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने व फुटहिल से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस जनहित याचिका की 2019 के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई थी। याचिकाकर्ता रेनू पॉल ने पुनः हाईकोर्ट में विस्तृत शपथ पत्र पेश कर बताया कि सरकार द्वारा देहरादून जिले में चिन्हित फुटहिल जो 30 डिग्री ढलान युक्त हैं और भूस्खलन संभावित क्षेत्र है, में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य हो गए हैं। जबकि ये क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अति संवेदनशील हैं।