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उत्तराखण्डः स्टोन क्रशर की स्थापना नीति पर हाईकोर्ट में सुनवाई! राज्य सरकार का जवाब नहीं आया तो याचिकाकर्ता को जवाब पर आपत्ति के लिए मिला तीन सप्ताह का समय

editor
  • Awaaz Desk
  • September 30, 2026 12:09 PM
Uttarakhand: High Court hearing on the stone crusher establishment policy! With no response from the state government, the petitioner has been granted three weeks to file objections regarding the reply.

नैनीताल। उत्तराखंड में स्टोन क्रशर की स्थापना को लेकर राज्य सरकार की नीति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में स्टोन क्रशर के लिए तय दूरी और आबादी से संबंधित मानकों में एनओसी के आधार पर दी गई छूट को चुनौती दी गई है। मामले में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जवाब पर आपत्ति दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। मामले की सुनवाई की तिथि 3 सप्ताह बाद की नियत की गई है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्टोन क्रशर की स्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि स्टोन क्रशर की स्थापना के लिए राज्य सरकार अपनी स्पष्ट व्यवस्था बनाए या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुरूप अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष जोन निर्धारित किए जाएं, ताकि स्टोन क्रशर एक साथ स्थापित किए जा सकें और गांवों के बीच इनकी स्थापना से बचा जा सके। मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जवाब दाखिल किया जा चुका है, जबकि राज्य सरकार की ओर से अभी जवाब दाखिल नहीं किया गया। बता दें कि इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसाइटी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य में क्षमता से अधिक स्टोन क्रशर अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं और कई क्रशर गांवों तथा आबादी वाले क्षेत्रों के बीच संचालित हो रहे हैं। जिसके चलते स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति भी पैदा हो रही है। साथ ही सड़कों पर भारी वाहनों का आवागमन बढ़ने से ट्रैफिक और दुर्घटना की समस्या के साथ अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।


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