उत्तराखण्डः बनबसा में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक! युवाओं, डॉक्टरों और कुक्कुट पालकों पर सरकार का फोकस, सीएम धामी बोले- अब देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा शासन
बनबसा। उत्तराखंड में पहली बार राजधानी देहरादून से बाहर चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 24 प्रस्तावों पर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। चुनावी वर्ष में हुई इस कैबिनेट बैठक में खास तौर पर युवाओं, कुक्कुट पालकों, कर्मचारियों, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और नजूल भूमि से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने बड़े निर्णय लिए।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मंत्रिमंडल की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय समस्याओं, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और विकास की संभावनाओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग जिलों में बैठक होने से स्थानीय परिस्थितियों को करीब से समझने और समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
बनबसा में हुई बैठक में हुए ये फैसले
1- पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों के लिए फीड पर सरकार की ओर से सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। यह सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में पहुंचाई जाएगी। सरकार के मुताबिक इस फैसले से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा और इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
2- कैबिनेट ने पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी फैसला लिया है। इसके तहत इन तीनों विभागों के समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य तीनों क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में बेहतर तालमेल और प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना है।
3- युवाओं को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिया गया। युवाओं के स्किल बढ़ाने के लिए 200 करोड़ की योजना को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार कुछ विषयों के छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता को मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों को स्किल आधारित कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के इन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीकों और रोजगार से जुड़ी अन्य आवश्यक स्किल को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिग्री के साथ युवाओं को उद्योग और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
4- टीडीसी को 66 करोड़ का स्पेशल पैकेज दिया गया।
5- कर्मचारी आचरण नियम संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी। समूह क,ख,ग के कर्मचारी साल में एक बार अपनी संपत्ति का विवरण देंगे। समूह ख के कर्मचारी पांच साल में अपनी संपत्ति का विवरण देंगे।
6- प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी अब समूह ख पद होगा, कैबिनेट ने दी मंजूरी।
7- निजी विश्वविद्यालय बनाने का रास्ता होगा साफ। पहले 10 एकड़ जमीन का था नियम, अब 20000 वर्ग मीटर विश्वविद्यालय बनाया जा सकता है , 5 करोड़ का गारंटी फंड भी समाप्त किया गया।
8- डॉक्टरों का स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई।
9- प्रदेश में नजूल भूमि को नियमितीकरण करने पर चलेगा अभियान।
10- खटीमा,बनबसा चंपावत के अलावा प्रदेश में जहां भी नजूल भूमि है उनका नियमितीकरण किया जाएगा।
11- वन विभाग के मामलों को निपटाने के लिए पीएमयू बनाने पर हुई चर्चा।
12- कार्मिक विभाग के तहत विभागीय कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना होगा।
13- उच्च शिक्षा विभाग में छात्रों के लिए स्किल डिप्लोमैट का कोर्स कराया जाएगा। प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ।
14- टिहरी के नरेंद्र नगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खोला जाएगा।