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उत्तराखण्डः पर्यटन नगरी मसूरी में जाम से राहत की उम्मीद! हाईकोर्ट ने अधिकारियों, स्थानीय लोगों और हितधारकों की संयुक्त बैठक के जरिए समाधान निकालने का दिया आदेश

editor
  • Awaaz Desk
  • April 27, 2026 12:04 PM
Uttarakhand: Hopes for relief from traffic jams in the tourist town of Mussoorie! The High Court has ordered a joint meeting of officials, local residents, and stakeholders to find a solution.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पर्यटन सीजन में मसूरी शहर की विभिन्न सड़कों पर अवैध तरीके से वाहन पार्क करने के बाद लगने वाले जाम से निजात दिलाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति शिधार्थ साह की खण्डपीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं कि वे दो सप्ताह के भीतर सचिव शहरी विकास, सचिव पर्यटन और सचिव गृह की एक हाई पावर कमेटी का गठन करेगें। कमेटी का अध्यक्ष इनमें जो वरिष्ठ होंगे, वे इसकी अध्यक्षता करेंगे। कमेटी आठ सप्ताह के भीतर जाम से निजात दिलाए जाने के सबन्ध में कार्य कार्य करेगी। समाधान मिलने के बाद उसपर जन सुनवाई करने के लिए विज्ञापन जारी करेगी। जन सुनवाई में याचिकाकर्ता के साथ-साथ मसूरी के डॉक्टर, शिक्षक, होटल एसोशिएशन के सदस्य, कैब के सदस्य, छात्र, स्थानीय निवासी व अन्य लोगों की एक बैठक बुलाएगी। बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा, उसे राज्य सरकार को भेजेगी और उसपर राज्य सरकार एक्शन लेगी। बता दें की मसूरी निवासी प्रवेश पन्त ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि मसूरी एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां पर देश ही नही विदेश से भी पर्यटक घूमने आते है। वर्तमान में मसूरी की ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखकर मसूरी की पहचान धूमिल हो रही है।

साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को जाम से दो चार होना पड़ता है। जाम लगने से मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस, स्कूल के बच्चों, नौकरी पेशा वाले लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वे समय पर अपने गंतव्य स्थान पर नही पहुंच पा रहे है। जबकि यहां पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी और आईटीबीपी स्थित है। जनहित याचिका में आगे कहा गया है कि जाम लगने का मुख्य कारण पार्किंग विहीन होटल और होम स्टे हैं। जिनके पास पार्किंग नही है। पार्किंग न होने की वजह से वे अपने वाहन सड़क के किनारों पर खड़ा कर देते है। दूसरा मुख्य कारण यह भी है कि नगर पालिका द्वारा अपनी स्वामित्व वाली विभिन्न सड़कों पर पार्किंग का संचालन किया जा रहा है। जाम लगने वाले मुख्य मार्ग पिक्चर पैलेश से सिविल अस्पताल मार्ग, लंढौर से घंटाघर मार्ग से वाईन वर्ग ऐलन मार्ग, पिक्चर पैलेस से नगर पालिका मार्ग, कैमल बैक रोड से मॉल रोड, लाईब्रेरी चौक, लाईब्रेरी चोक से आईटीबीपी रोड, लाईब्रेरी से जीरो पॉइंट झीडापानी मार्ग हैं। लगने वाले जाम से निजात दिलाए जाने के लिए उनके द्वारा सचिव शहरी विकास, आईजी ट्रैफिक, जिला अधिकारी, एसएसपी, कोतवाली मसूरी सहित अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका मसूरी को भी प्रयावेदन दिए। लेकिन मसूरी वालों को जाम से निजात नही मिल पाई। यह समस्या बढ़ती ही जा रहा है। जनहित याचिका में यह भी कहा गया कि मसूरी की मल्टी स्टोरी पार्किंग तो खाली पड़ी है, लेकिन वाहन सड़कों के किनारे पार्क किये हुए हैं।


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