उत्तराखण्डः साइबर ठगी के लिए विदेशी नंबरों को देता था भारतीय पहचान! बाजपुर में SIM Box नेटवर्क का खुलासा, 2 बॉक्स-114 सिम-77 एंटीना जब्त
बाजपुर। उत्तराखंड में साइबर ठगी के एक ऐसे खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें विदेशी और VoIP कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में दिखाया जा रहा था। ऊधमसिंह नगर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग (DoT) से मिली जानकारी के आधार पर बाजपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो SIM Box, 77 एंटीना, 114 Airtel SIM कार्ड, एक Airtel इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन और कई अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए हैं। मामले में मुरादाबाद निवासी 24 वर्षीय कादिर पुत्र जाबिर अली को गिरफ्तार किया गया है। STF साइबर कुमाऊं यूनिट को अवैध टेलीकॉम गेटवे के संचालन की सूचना मिली थी। दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट के बाद STF टीम ने ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में मुड़िया स्थित ईदगाह के पास एक मकान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान वहां SIM Box के जरिए बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई। टीम ने मौके से कादिर को गिरफ्तार करने के साथ ही इस्तेमाल किए जा रहे टेलीकॉम उपकरणों को कब्जे में ले लिया। बरामद सामान में दो SIM Box, 77 एंटीना और 114 Airtel SIM कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा एक Airtel इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन और अन्य टेलीकॉम डिवाइस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड और एंटीना की बरामदगी ने पूरे नेटवर्क के संचालन को लेकर जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
STF की शुरुआती जांच में SIM Box के काम करने का तरीका सामने आया है। SIM Box एक ऐसा उपकरण है, जिसमें बड़ी संख्या में SIM कार्ड लगाए जा सकते हैं। इसके जरिए इंटरनेट या VoIP नेटवर्क से आने वाली कॉल को मोबाइल नेटवर्क पर स्थानीय कॉल की तरह रूट किया जा सकता है। आरोप है कि इसी तकनीक का इस्तेमाल विदेशी कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में दिखाने के लिए किया जा रहा था। यानी कॉल विदेश से आने के बावजूद कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति के मोबाइल स्क्रीन पर विदेशी नंबर के बजाय भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इस तरह कॉल के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती थी। STF के अनुसार, इस तरह के अवैध टेलीकॉम गेटवे का इस्तेमाल कॉल करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि साइबर अपराध, फर्जी कॉल और अन्य आपराधिक गतिविधियों में SIM Box नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि अलग-अलग लोगों की पहचान का कथित तौर पर दुरुपयोग कर SIM कार्ड जारी कराए गए और बाद में उनका इस्तेमाल इस नेटवर्क में किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद 114 सिम कार्ड किन लोगों के नाम पर जारी हुए थे और इन्हें हासिल करने में किन लोगों की भूमिका रही। STF के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि वह इस नेटवर्क के जरिए आर्थिक लाभ कमा रहा था। हालांकि, इस कनेक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी का संपर्क किन लोगों से था, विदेशी कॉल कहां से और किस उद्देश्य से रूट की जा रही थीं और इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी कॉल संचालित की गईं।
करीब सात महीने से चल रहा था गेटवे
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि यह अवैध टेलीकॉम गेटवे करीब सात महीने से संचालित किया जा रहा था। ऐसे में STF अब यह जांच कर रही है कि इस अवधि में नेटवर्क के जरिए कितनी विदेशी या VoIP कॉल भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर ट्रांसफर की गईं। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल केवल विदेशी कॉल को भारतीय नंबर में बदलने तक सीमित था या इसके जरिए साइबर ठगी, फर्जी पहचान, अवैध वसूली अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम दिया जा रहा था।
पहले भी SIM Box मामले में गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
जांच में आरोपी कादिर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। STF के अनुसार, वह पहले भी SIM Box के जरिए अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2023 में मुरादाबाद के कटघर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी वर्ष उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ था। ऐसे में आरोपी के दोबारा इसी तरह के नेटवर्क से जुड़े पाए जाने के बाद STF अब उसके पुराने मामलों और मौजूदा नेटवर्क के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।