उत्तराखण्डः सितारगंज-टनकपुर प्रस्तावित 4 किमी बाईपास का मामला! किसानों की याचिका निस्तारित, कोर्ट ने कहा- अपनी समस्याएं संबंधित विभाग के समक्ष रखें
नैनीताल। उतराखंड हाईकोर्ट में सितारगंज-टनकपुर प्रस्तावित 4 किलोमीटर बाईपास बनाए जाने को लेकर किसानों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए कहा है कि मामला एक्सपीडाइट का है। जिसमें गजट नोटिफिकेशन 3ए हो चुका है। इसपर निर्णय लेने का अधिकार सम्बंधित विभाग को है। इसलिए वे अपनी समस्याएं सम्बंधित विभाग के समक्ष रख सकते हैं, जिसपर सम्बंधित विभाग विचार कर करता है। बता दें कि नानकमत्ता निवासी चरण सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि सितारगंज-टनकपुर नेशनल हाईवे 125 पर एक बाईपास जो कि गांव 6 पादशाही से लेकर सिद्धा गांव तक, 4 किलोमीटर के लिए प्रस्तावित है। कई छोटे किसानों की भूमि इस बाईपास में आ रही है। जबकि पुराना नेशनल हाईवे 125 चार लेन का स्वीकृत था, दो लेन बना है, उसे चार लेन में कन्वर्ट किया जा सकता है और नेशनल हाईवे के दोनों तरफ सरकार के पास काफी जमीन पड़ी है, जिसका मुआवजा भी दिया जा चुका है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि क्योंकि यह बाईपास 4 किलोमीटर के क्षेत्र में डेवलप किया जा रहा है, जो कि फिर उसी नेशनल हाईवे पर जाकर आगे मिल जाता है। कुछ क्षेत्र को बचाने के लिए यह सारी कार्रवाई की गई है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि इस बाईपास पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि छोटे किसानों को राहत मिल सके।