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उत्तराखण्डः धामी सरकार का मदरसों पर बड़ा फैसला! शुक्रवार की छुट्टी खत्म कर रविवार को किया साप्ताहिक अवकाश

editor
  • Awaaz Desk
  • October 21, 2026 10:10 AM
Uttarakhand: Major decision by the Dhami government regarding madrasas! Friday holiday abolished; Sunday designated as the weekly holiday.

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के मदरसों में शुक्रवार यानी जुम्मे के दिन होने वाली साप्ताहिक छुट्टी को समाप्त कर रविवार को अवकाश रखने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में मदरसों को अब स्कूलों के रूप में मान्यता दी जा रही है, इसलिए उन्हें भी शिक्षा विभाग और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियमों का पालन करना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सभी के लिए एक समान व्यवस्था लागू है और शिक्षा के क्षेत्र में भी समान नियमों का पालन होना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पहले से लागू है। ऐसे में सभी के लिए नियम और कानून एक समान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहती है, जिसमें सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जो संस्थान निर्धारित नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें प्रदेश में संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के तहत उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू की गई है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि पंजीकृत मदरसों को अब स्कूलों के रूप में शिक्षा विभाग और प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप संचालित होना होगा। इसी व्यवस्था के तहत शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में पहले मदरसा बोर्ड के तहत 452 मदरसे मान्यता प्राप्त थे। इनमें से दोबारा आवेदन करने वाले 76 मदरसों को स्कूल के रूप में मान्यता दी गई है। इनमें देहरादून जिले के छह, हरिद्वार के 44, नैनीताल के दो और ऊधमसिंह नगर के 24 मदरसे शामिल हैं। वहीं, 114 मदरसों के आवेदन अभी लंबित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बिना आवश्यक मान्यता और अनुमति के शिक्षण संस्थान संचालित नहीं किए जा सकते।


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