• Home
  • News
  • Uttarakhand: Major fake recruitment racket promising jobs at AIIMS Kichha busted! Fake appointment letters for Nursing Officer and MTS posts and ₹2 lakh in cash recovered; three accused arrested.

उत्तराखण्डः एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जी भर्ती रैकेट बेनकाब! नर्सिंग ऑफिसर और MTS के फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ 2 लाख रुपये नकद बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

editor
  • Awaaz Desk
  • September 16, 2026 05:09 AM
Uttarakhand: Major fake recruitment racket promising jobs at AIIMS Kichha busted! Fake appointment letters for Nursing Officer and MTS posts and ₹2 lakh in cash recovered; three accused arrested.

ऋषिकेश। निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले कथित फर्जी भर्ती रैकेट का एम्स ऋषिकेश प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भंडाफोड़ किया है। सुरक्षा विभाग की इंटेलीजेंस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर बैराज रोड पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से एम्स ऋषिकेश के एम्स सैटेलाइट सेंटर किच्छा के नाम पर तैयार किए गए दो फर्जी नियुक्ति पत्र और अभ्यर्थियों से वसूले गए 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एम्स प्रशासन के अनुसार, संस्थान को पिछले कुछ समय से शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूल रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना तैयार की। इसी योजना के तहत एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलीजेंस टीम ने अपने एक कर्मचारी को नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थी के रूप में आरोपियों के पास भेजा। सूचना के मुताबिक आरोपी बैराज रोड पर एक क्रेटा वाहन में बैठकर अभ्यर्थियों से नौकरी के नाम पर पैसों का लेन-देन कर रहे थे। जैसे ही टीम को फर्जी भर्ती गतिविधि की पुष्टि हुई, सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो अभ्यर्थियों के नाम पर तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए। इनमें एक नियुक्ति पत्र नर्सिंग ऑफिसर और दूसरा मल्टीटास्किंग स्टाफ के पद के लिए तैयार किया गया था। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से अभ्यर्थियों से वसूली गई 2 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई। बरामद दस्तावेजों और रकम को कार्रवाई के दौरान कब्जे में ले लिया गया। एम्स ऋषिकेश के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चंद्र ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए तीनों आरोपी ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के रहने वाले हैं। सुरक्षा विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों को उनके क्रेटा वाहन और बरामद फर्जी दस्तावेजों के साथ एम्स ऋषिकेश की पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया है। मामले में पुलिस स्तर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। फर्जी भर्ती रैकेट के खुलासे के बाद एम्स प्रशासन ने बेरोजगार युवाओं और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की है। एम्स ऋषिकेश के पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती ने कहा कि युवा नौकरी के नाम पर किसी भी बिचौलिए या एजेंट के झांसे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एम्स ऋषिकेश और उसके सैटेलाइट सेंटर एम्स किच्छा में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता के आधार पर होती है। उन्होंने कहा कि भर्ती से संबंधित आधिकारिक जानकारी केवल संस्थान की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। यदि कोई व्यक्ति नियुक्ति पत्र दिलाने या नौकरी लगाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एम्स प्रशासन या पुलिस को दी जानी चाहिए। इससे ऐसे फर्जीवाड़े पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।


संबंधित आलेख: