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उत्तराखण्डः जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजी मसूरी! पांचवीं रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, सैकड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने रथ की रस्सी खींचकर लिया पुण्य लाभ

editor
  • Awaaz Desk
  • July 18, 2026 01:07 PM
Uttarakhand: Mussoorie echoes with chants of 'Jai Jagannath'! A massive wave of devotion marks the fifth Rath Yatra; hundreds of devotees and tourists earn spiritual merit by pulling the chariot's rope.

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में मधुबन आश्रम, मुनि की रेती (ऋषिकेश) के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की पांचवीं भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। सनातन धर्म मंदिर, लंढौर से शुरू हुई यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना व 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद रथ लंढौर बाजार, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौक, माल रोड होते हुए गांधी चौक स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंचा। रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए। पूरे मार्ग पर श्जय जगन्नाथश् के जयघोष, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य अर्जित किया, जबकि कई भक्त रथ के आगे झाड़ू लगाकर सेवा करते नजर आए। जगह-जगह प्रसाद वितरण भी किया गया।
मधुबन आश्रम के स्वामी परमानंद दास ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हजारों वर्ष पुरानी परंपरा है और मान्यता है कि वर्ष में एक बार भगवान स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने मंदिर से बाहर आते हैं। उन्होंने बताया कि स्कंद पुराण के अनुसार रथ की रस्सी खींचने और सेवा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का संदेश विश्व शांति, प्रेम और भाईचारे का है। उत्तराखंड में पिछले करीब 30 वर्षों से रथयात्रा निकाली जा रही हैए जबकि मसूरी में यह लगातार पांचवें वर्ष आयोजित हुई।


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