उत्तराखण्डः नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चन्द्र बने आईपीएस! सीएम धामी और डीजीपी दीपम सेठ ने अलंकृत किया बैच
नैनीताल। राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर उत्तराखण्ड पुलिस परिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। नैनीताल में पुलिस अधीक्षक (अपराध एवं यातायात) के पद पर तैनात डॉ. जगदीश चन्द्र को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) संवर्ग में पदोन्नति प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने डॉ. जगदीश चन्द्र को औपचारिक रूप से आईपीएस बैच से अलंकृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई दी। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने भी डॉ. जगदीश चन्द्र को इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई दी। डॉ. जगदीश चन्द्र का शैक्षणिक एवं पेशेवर सफर युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से पर्यावरण विज्ञान में एमएससी की। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से एम. फिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के दौरान उन्हें ICAR-JRF, CSIR-UGC JRF/SRF और अर्थ साइंसेज में JRF-NET जैसी प्रतिष्ठित फेलोशिप मिलीं। सीखने की अपनी निरंतर ललक को जारी रखते हुए उन्होंने वर्ष 2025 में इग्नू से मनोविज्ञान में परास्नातक भी पूरा किया। पुलिस सेवा में आने से पूर्व, उन्होंने वर्ष 2002 से 2005 तक भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून में बतौर वैज्ञानिक अपनी सेवाएं दीं और इस दौरान रांची व दार्जिलिंग में अनुसंधान कार्य किया। वर्ष 2005 में डॉ. जगदीश चन्द्र राज्य पुलिस सेवा में चयनित हुए। पुलिस उपाधीक्षक के रूप में उन्होंने देहरादून, चमोली और ऊधमसिंह नगर में चुनौतीपूर्ण दायित्व संभाले। वर्ष 2013 में वे अपर पुलिस अधीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद उन्होंने एसपी सिटी देहरादून, काशीपुर, हल्द्वानी सहित 31वीं वाहिनी पीएसी व आईआरबी-प्रथम में उप सेनानायक के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभाईं। वर्तमान में वे नैनीताल जिले में अपराध व यातायात की कमान कुशलता से संभाल रहे हैं।