उत्तराखण्डः मसूरी में रेलवे की बेदखली नोटिस से मचा हड़कंप! सात दिन की मोहलत पर भड़के लोग
मसूरी। मसूरी के झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की ओर से जारी बेदखली नोटिस के बाद विवाद फिर गरमा गया है। उत्तर रेलवे के संपदा अधिकारी ने सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत कब्जाधारी बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कई परिवारों को सात दिन के भीतर जवाब देने का नोटिस भेजा है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय बेदखली आदेश जारी किया जा सकता है। गुरुवार को रेलवे अधिकारी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए रेलवे के भूमि स्वामित्व के दावे पर सवाल उठाए। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। निवासियों का कहना है कि उनके मकानों की विधिवत रजिस्ट्री और नगर पालिका में नामांतरण हो चुका है, फिर भी रेलवे समय-समय पर नोटिस देकर मकान खाली कराने का दबाव बना रहा है। लोगों ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताते हुए जरूरत पड़ने पर न्यायालय जाने की चेतावनी दी है। वहीं रेलवे का कहना है कि संबंधित लोग रेलवे की सार्वजनिक भूमि पर अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं, हालांकि पूरे घटनाक्रम पर रेलवे अधिकारियों ने मीडिया को कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। लंबे समय से चले आ रहे इस भूमि विवाद में अब सभी की नजर नोटिस के जवाब और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।