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उत्तराखण्डः सोशल मीडिया के जरिए बना स्लीपर सेल! देहरादून से युवक गिरफ्तार, पाकिस्तान में बैठे आतंकी के इशारे पर भेज रहा था संवेदनशील जानकारी

editor
  • Awaaz Desk
  • April 10, 2026 01:04 PM
Uttarakhand: Sleeper cell formed through social media! Youth arrested in Dehradun for sending sensitive information at the behest of a terrorist in Pakistan.

देहरादून। राजधानी देहरादून में एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। उत्तराखण्ड एसटीएफ और प्रेमनगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों से जुड़े पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रांत कश्यप ;निवासी झाझरा, प्रेमनगर के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था और संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था। बीती 9 अप्रैल की रात पुलिस और एसटीएफ की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 32 बोर की अवैध पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस और स्प्रे पेंट की एक कैन बरामद की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लगातार पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के संपर्क में था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी का संबंध तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान से जुड़ी गतिविधियों से था, जो भारत में अपने नेटवर्क को विस्तार देने की योजना पर काम कर रहा था। एसटीएफ के मुताबिक पाकिस्तान से आतंकी संगठन सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं और उन्हें स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। पूछताछ में विक्रांत ने बताया कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का फैन था और उनकी हत्या के बाद काफी आक्रोश में था। इसी दौरान उसने इंस्टाग्राम पर शहजाद भट्टी के पोस्ट और रील्स देखीं, जिनमें बदला लेने की बातें की जा रही थीं।

यहीं से वह प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे शहजाद भट्टी के संपर्क में आ गया। आरोपी को देहरादून के महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो और लोकेशन भेजने के टास्क दिए गए थे। इसमें आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय, सरकारी भवन और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल थे। विक्रांत ने इन जगहों की फुटेज बनाकर पाकिस्तान भेजी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी को कुछ महत्वपूर्ण ठिकानों को बम से उड़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए उसे हथियार और पैसे मुहैया कराने की बात कही गई थी। इतना ही नहीं दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने का टास्क भी दिया गया था। आतंकी हैंडलर के निर्देश पर आरोपी ने देहरादून के कई स्थानों पर टीटीएच लिखकर वीडियो बनाए। इनमें सेलाकुई क्षेत्र, अडवानी पुल और झाझरा के आसपास के इलाके शामिल हैं। इसका मकसद लोगों में दहशत फैलाना और संगठन का प्रचार करना था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को नेपाल के रास्ते दुबई भेजकर बसाने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। इसी प्रलोभन में आकर वह देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। हालांकि समय रहते एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी और टेक्निकल सर्विलांस व मुखबिर तंत्र के जरिए इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बरगलाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं, जिस पर सख्ती से नजर रखी जा रही है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसके अन्य संपर्कों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं।


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