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उत्तराखण्डः रुद्रपुर के डिजिटल वर्ल्ड स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी! बिना पक्ष सुने कार्रवाई को बताया नियम विरुद्ध, जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश निरस्त

editor
  • Awaaz Desk
  • May 20, 2026 01:05 PM
Uttarakhand: The High Court issued a stern remark on the order canceling the recognition of Digital World School in Rudrapur. The District Education Officer's order was set aside, stating that the action taken without hearing the parties was against the rules.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में  गुरुनानक डिग्री कालेज के पास राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डिजिटल वर्ल्ड स्कूल को स्कूल प्रबंधक का पक्ष सुने बिना अचानक जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उसकी मान्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी उधम सिंह नगर के आदेश को नियम विरुद्ध पाते हुए उसे निरस्त कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने स्कूल प्रबंधक से कहा है कि वे जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस का जवाब दस दिन के भीतर दें। बता दें कि रुद्रपुर के गुरुनानक डिग्री कालेज के पास डिजिटल वर्ल्ड नामक स्कूल संचालित है। इसके आसपास कई अन्य स्कूल भी संचालित है। इस स्कूल में क्लास एक से पांच तक के 390 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल को चलाने के लिए 2025 में राज्य सरकार द्वारा मान्यता दी गयी। अब 6 मई 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी उधम सिंह नगर द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया। जिसके बाद कहा गया कि स्कूल मानको के अनुरुप नही चल रहा है। इसपर आप दो दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया पेश करें। समय पर उसका उत्तर नही दिये जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 मई को स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट की शरण ली गई, उनके द्वारा कहा गया कि स्कूल को 2025 में राज्य सरकार द्वारा मान्यता दी गयी थी। उनका पक्ष सुने बिना आनन-फानन एक सप्ताह में मान्यता रद्द कर दी गयी। जबकि अभी शैक्षणिक सत्र चल रहा है। अगर मान्यता रद्द करनी ही थी तो उनका पक्ष सुना जाना चाहिए था। यह भी तब जब नया शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ हो गया हो। अभी उनके स्कूल में 390 बच्चे पढ़ रहे हैं। अभी उनको कौन सा स्कूल एडमिशन देगा। इस आदेश से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सहित उनके अभिभावक परेशान हो रहे है। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाय।


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