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उत्तराखण्डः धर्म परिवर्तन के बदले हर महीने 6 हजार और 2 लाख रुपये देने का लालच! ऊधम सिंह नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 4 आरोपी गिरफ्तार, कई चौंकाने वाले खुलासे

editor
  • Awaaz Desk
  • May 27, 2026 01:05 PM
Uttarakhand: The lure of a monthly payment of between 6,000 and 2 lakh rupees in exchange for religious conversion! Four accused arrested in a major operation by the Udham Singh Nagar police, revealing many shocking revelations.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने धर्मांतरण से जुड़े संवेदनशील मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में गरीब, भोले-भाले, आर्थिक रूप से कमजोर, थारू समाज तथा अनुसूचित जाति के लोगों को पैसों, इलाज, आर्थिक सहायता और अन्य प्रलोभनों का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय गणपति ने सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट कहा है कि गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों में पूरे प्रदेश में सतर्कता बढ़ाई गई है। इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर पुलिस लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर रही थी। पुलिस का कहना है कि जनपद में अब तक धर्मांतरण से जुड़े चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब 23 मई 2026 को ग्राम दियां निवासी एक महिला ने कोतवाली खटीमा में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति संदीप सिंह राणा, कमलजीत सिंह और दान सिंह राणा द्वारा उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने जैसी चेतावनियां दी जा रही थीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य आए। पुलिस के मुताबिक आरोपी दान सिंह राणा विशेष रूप से थारू जनजाति और गरीब परिवारों को निशाना बनाता था। आरोप है कि लोगों को बीमारी ठीक कराने, आर्थिक सहायता दिलाने, पारिवारिक समस्याएं खत्म कराने और बेहतर जीवन का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के बदले प्रतिमाह छह हजार रुपये और एकमुश्त दो लाख रुपये देने का लालच भी देते थे। लोगों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि धर्म परिवर्तन के बाद उनकी बीमारी, आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। इसी बीच 10 मई 2026 को एक अन्य शिकायत भी कोतवाली खटीमा में दर्ज कराई गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा और सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह खटीमा क्षेत्र के थारू बाहुल्य गांवों और अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को लगातार प्रभावित कर रहे थे। आरोप है कि लोगों को विशेष प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था, हिन्दू धर्म के बारे में भ्रामक और अपमानजनक बातें कही जाती थीं तथा ईसाई धर्म की विशेषताएं बताकर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा धार्मिक किताबें वितरित की जाती थीं और लोगों को धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया कि विरोध करने या किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। इस मामले में भी  विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी खटीमा के पर्यवेक्षण में गठित टीमों ने लगातार दबिश और तलाश अभियान चलाया। आज 27 मई को पुलिस ने दोनों मामलों में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दान सिंह राणा, जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा और सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश भी जारी है।

पुलिस को जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। मुख्य आरोपी दान सिंह राणा के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में धर्मांतरण से संबंधित कई फोटो, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक मोबाइल में प्रार्थना सभाओं की तस्वीरें, लोगों को स्नान कराकर धर्म परिवर्तन कराने से जुड़ी सामग्री, पैसों के लेनदेन के स्क्रीनशॉट और धर्मांतरण का लक्ष्य तय करने से जुड़े लेख मिले हैं। इसके अलावा कुछ वार्तालाप भी मिले हैं जिनमें लोगों को बच्चों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर बुलाने की बातें सामने आई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी दान सिंह राणा के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र साह, व.उ.नि. केसी आर्या, उ.नि. अशोक काण्डपाल, उ.नि. विकास कुमार, कां. मौ. मोहसिन, कां. नरेन्द्र लाल टम्टा, कां कमल पाल, म.कां. पूजा जोशी शामिल रहे। 


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