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उत्तराखण्डः भगवान भरोसे चल रही द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा! पैदल यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के नहीं हैं कोई इंतजाम, खतरनाक रास्ते पार कर रहे ग्रामीण व स्थानीय लोग

editor
  • Awaaz Desk
  • August 26, 2025 01:08 PM
Uttarakhand: The second Kedarnath Madmaheshwar Yatra is going on at the mercy of God! There are no security arrangements on the footpath, villagers and local people are crossing dangerous paths

रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम की यात्रा भगवान भरोसे संचालित हो रही है। देश-विदेश से पहुंचने वाले तीर्थ यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व गौंडार गांव व वनतोली के बीच क्षतिग्रस्त रास्ते पर सफर करना यात्रियों के लिये काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षतिग्रस्त रास्ते पहाड़ी से बोल्डर गिरने तो नीचे से उफान में बह रहे गधेरे का खतरा है। जबकि मोरखण्डा नदी को पार करने के लिये यात्रियों के अलावा स्थानीय लोगों को ट्राली का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्राली के एक छोर का आधार स्तम्भ भी लगातार मोरखण्डा नदी की ओर धंस रहा है। मानसूनी सीजन पहाड़ों में आफत बनकर बरसता है। कहीं रास्ते टूटते हैं तो कहीं आवासीय भवन ध्वस्त हो जाते हैं। मानसूनी सीजन के दो-तीन माह निकालना पहाड़ वासियों के लिये मुश्किल भरे रहते हैं और इस दौरान यहां के निवासियों को पहाड़ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और जिदंगी का भी कुछ भरोसा नहीं रहता है। इसी तरह से कुछ समस्याओं का सामना द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम जाने वाले यात्रियों के अलावा गौंडार सहित आस-पास के स्थानीय लोगों को इन दिनों करना पड़ रहा है।

पिछले दिनों हुई बरसात ने मदमहेश्वर धाम की यात्रा पर ग्रहण लगा दिया है। पहले वनतोली में मोरखण्डा नदी पर बनाया गया अस्थाई लकड़ी का पुल बहा और फिर कुछ दिन बाद गौंडार व वनतोली के बीच लगभग 40 मीटर पैदल यात्रा मार्ग वाश आउट हो गया। पैदल मार्ग वाश आउट होने के बाद किसी तरह से यहां पर अस्थाई रूप से पहाड़ी पर रास्ता बनाया गया है और इस रास्ते पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है। इन दिनों जो भी यात्री इस रास्ते को पार कर रहे हैं, उनकी जान को खतरा बना हुआ है। पहाड़ी से बोल्डर गिरने का हर समय खतरा है। जबकि नीचे से गहरी खाई में उफान पर आया गधेरा भी बह रहा है। वनतोली में मोरखण्डा नदी पर बनाये गये पैदल लकड़ी के अस्थाई पुल के बह जाने से यात्री व ग्रामीण ट्राली के सहारे नदी को आर-पार कर रहे हैं। ट्राली के एक छोर के आधार स्तम्भ भी खतरे की जद में है। ऐसे में यहां पर कब क्या हादसा हो जाय, कुछ कहा नहीं जा सकता है। गुजरात अहमदाबाद से द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की यात्रा करने पहुंचे यात्रियों ने बताया कि यात्रा को करने में काफी परेशानियां हो रही हैं। एक-दो स्थानों पर पहाड़ टूटने से रास्ते खराब हो गये हैं। इन स्थानों पर सफर करना मुश्किल भरा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कही भी मेडिकल की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि कोई आपात स्थिति होती है तो परेशानियां बढ़ सकती हैं। सरकार व प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है।


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