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उत्तराखण्डः मानदेय वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरीं हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता! सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस से तीखी झड़प, दिया धरना

editor
  • Awaaz Desk
  • November 02, 2026 11:11 AM
Uttarakhand: Thousands of Anganwadi workers take to the streets, demanding an increase in their honorarium! A heated confrontation with the police ensues as they march toward the CM’s residence; the workers stage a sit-in protest.

देहरादून। उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर से जुटीं हजारों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी देहरादून में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। परेड मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रही आक्रोशित कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हाथीबड़कला में भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। रोके जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश के दूर-दराज पर्वतीय और मैदानी जिलों से जुटीं हजारों कार्यकत्रियों ने सुबह परेड मैदान में एकत्र होकर विशाल रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं का हुजूम जैसे ही सीएम आवास की ओर बढ़ा, पूरे क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने हाथीबड़कला मुख्य मार्ग पर कंटीले तारों और मजबूत बैरिकेडिंग की मदद से उन्हें आगे बढ़ने से रोका। आक्रोशित महिलाओं ने वहीं सड़क पर डेरा डाल दिया और घंटों यातायात बाधित रहा। मोर्चा की पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लंबे समय से केवल खोखले आश्वासन देकर उनका शोषण कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई के दौर में बेहद कम मानदेय से परिवार का पालन-पोषण करना नामुमकिन हो गया है। इसके बावजूद विभागीय योजनाओं और अतिरिक्त कार्यों का भारी बोझ उन पर लाद दिया गया है। 30-30 साल तक निष्ठापूर्वक सेवा देने के बावजूद सेवानिवृत्ति पर न तो ग्रेच्युटी दी जाती है और न ही पेंशन या कोई अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर अधिकारियों द्वारा दी जा रही धमकियों और उत्पीड़न से भी कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा। इसमें मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, सेवानिवृत्ति लाभ व पेंशन का प्रावधान करने, कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विभागीय उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की प्रमुख मांगें शामिल हैं। मोर्चा की प्रांतीय नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रदेश की 40 हजार से अधिक आंगनबाड़ी बहनें इस बार महज आश्वासनों से पीछे हटने वाली नहीं हैं। यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र ठोस शासनादेश जारी नहीं किया, तो आने वाले दीपावली पर्व को वे 'काला दिवस' के रूप में मनाएंगी। इसके अलावा केंद्रों पर तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल और आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


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