उत्तराखंड:वाह जी वाह!मोटा वेतन सरकार से लेने वाली प्रधानाध्यापिका ने ढाई हजार में रखी अपने बदले ग्रामीण महिला! औचक निरीक्षण के दौरान खुली पोल!फिर क्या हुआ जानिए खबर के लिंक में
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के हर दिन नए नए घोटाले सामने आ रहे है। उत्तराखंड अब भ्रष्टाखण्ड बनता जा रहा है। ऐसा ही एक और नया मामला सामने आया है जहां महिला प्रधानाचार्या ने ढाई हजार रुपये में अपने लिए एक लड़की को रखा और वो लड़की स्कूल में महिला प्रधानाचार्या की जगह काम करती पकड़ी गई। ये खुलासा तब हुआ जब मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी का लेटर सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इस लेटर के वायरल होने के बाद अब शिक्षा विभाग पर भी सवाल खड़े होने लगे है।
लेटर पढ़कर समझ आता है कि दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी शिक्षिका खुद स्कूल नही जा रही बल्कि अपनी जगह किसी और लड़की को ढाई हजार रुपए में ठेके पर रखी हुई है,यानी सरकारी मोटी तनख्वाह खाने वाली प्रधानाचार्या ने ढाई हजार रुपए में अपने बदले दूसरी टीचर रख ली।
ये धोखेबाज शिक्षिका है बग्वाड़ी थलीसैंण राजकीय प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शीतल रावत। दरअसल 20 सितंबर 2022 को मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस विद्यालय में औचक निरीक्षण किया और पाया कि शीतल रावत ने अपने बदले किसी दूसरी ग्रामीण महिला मधु रावत को ढाई हजार रुपए में बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा हुआ है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी ने कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है। साथ ही इस मामले में विस्तृत जांच कर शीतल रावत का स्पष्टीकरण भी मांगा है और अग्रिम आदेश तक शीतल रावत के वेतन पर रोक भी लगाई है।
मोटी मलाई खुद के गले मे और बच्चों के साथ खिलवाड़ का ये खेल न जाने और कितने स्कूलों में चल रहा होगा।