उत्तराखण्डः बेसहारा कुत्तों के ‘मसीहा’ बने युवा! टीकाकरण से इलाज तक उठा रहे जिम्मेदारी, हॉप्स फॉर एनिमल्स के स्वयंसेवकों का सम्मान
मसूरी। सड़कों पर बेसहारा, घायल और बीमार कुत्तों के हॉप फॉर एनिमल्स के युवा स्वयंसेवक किसी मसीहा से कम नहीं हैं। रविवार को होटल केनिलवर्थ में रोटरी क्लब मसूरी, स्तोत्रक होटल और मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने इन स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। संस्था के युवा रेबीज टीकाकरण, उपचार और देखभाल से लेकर गंभीर रूप से घायल पशुओं को एंबुलेंस से एनिमल सेंटर पहुंचाने तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हॉप फॉर एनिमल्स के संस्थापक मनीष रावत ने बताया कि कोरोना काल में दो भूखे और बीमार कुत्तों की मदद से शुरू हुआ अभियान आज विकासनगर स्थित एनिमल सेंटर तक पहुंच चुका है। इलाज के बाद पशुओं को स्वस्थ होने पर वापस उनके क्षेत्र में छोड़ा जाता है। रावत के अनुसार संस्था को सरकार से कोई विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिलती और स्वयंसेवक अपने संसाधनों से अभियान चला रहे हैं। रोटरी क्लब अध्यक्ष अश्वनी मित्तल ने कहा कि ऐसे युवाओं को सम्मान के साथ आर्थिक सहयोग भी मिलना चाहिए। कार्यक्रम में सरकार और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पशु सेवा न केवल संवेदनशीलता, बल्कि रेबीज नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी जिम्मेदारी है।