आधी रात बम धमाकों से कांपा वैशाली, निशाने पर था किराना कारोबारी का घर
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ आधी रात को अपराधियों ने एक किराना कारोबारी के घर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बमबाजी की। इस भीषण धमाके से न सिर्फ पीड़ित का परिवार बल्कि पूरा इलाका दहल उठा। बदमाशों द्वारा किए गए इस हमले के बाद क्षेत्र में भारी तनाव और दहशत का माहौल है। पीड़ित कारोबारी ने पुलिस से अपने और परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा।
घटना के संबंध में पीड़ित किराना दुकानदार उदय मिश्र ने बताया कि देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी अचानक उनके दरवाजे पर दो जोरदार धमाके हुए। रात के सन्नाटे में आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे सड़क पर किसी भारी ट्रक का पहिया (टायर) फट गया हो। रात में किसी अनहोनी की आशंका के कारण कोई बाहर नहीं निकला। सुबह जब परिवार के लोग जगे और बाहर देखा, तो नजारा खौफनाक था। दरवाजे पर सुतली के अवशेष, कांच के टुकड़े और फूल के गमलों में लगे पौधे इधर-उधर बिखरे पड़े थे। तब जाकर उन्हें समझ आया कि यह किसी गाड़ी का टायर नहीं फटा था, बल्कि उनके घर पर बम से हमला किया गया था। घटना की तुरंत सूचना सदर थाने की पुलिस को दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की। जाँच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से दो फटे हुए बमों के अवशेष बरामद किए। बेहद चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से दो और जिंदा सुतली बम मिले। अगर वे दोनों बम भी फट जाते तो बड़ी क्षति हो सकती थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों जिंदा बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिफ्यूज) कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच के लिए एफएसएल (FSL) की टीम और बम स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है, जो वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। इस मामले पर जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने बताया कि किराना दुकानदार का पहले से ही कुछ लोगों के साथ विवाद चला आ रहा है। प्राथमिक जाँच में यह बात भी सामने आई है कि उदय मिश्रा के बेटे पर पहले से ही अलग-अलग थानों में 3 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में लगा सीसीटीवी कैमरा भी क्षतिग्रस्त पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए कैमरे के साथ छेड़छाड़ की है या उसे जानबूझकर तोड़ा है। पुलिस और एफएसएल की टीम अब डिजिटल साक्ष्यों और इस सीसीटीवी एंगल पर गहराई से तफ्तीश कर रही है। सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार ने कहा, "इस बमबाजी में किसी व्यक्ति को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुँचा है। शुरुआती जाँच से ऐसा लगता है कि यह धमाका सिर्फ इलाके और परिवार में दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया गया था। मामले में पूर्व का विवाद सामने आया है। हर पहलू पर बारीकी से जाँच की जा रही है और जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।