विकसित भारत' के मिशन को मिलेगी रफ्तार: नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष डॉ.अशोक लाहिड़ी ने पीएम मोदी से की मुलाकात
नई दिल्ली।भारत के नीतिगत ढांचे (पॉलिसी फ्रेमवर्क) को नई दिशा देने वाले थिंक-टैंक 'नीति आयोग' में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और देश के जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने पदभार ग्रहण करने के ठीक एक दिन बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अस्थिरता और जटिल अंतरराष्ट्रीय माहौल के बीच इस पहली औपचारिक मुलाकात को देश की भावी आर्थिक नीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर डॉ. लाहिड़ी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा "डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी से मिलकर उन्हें नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी। इकोनॉमिक्स और पब्लिक पॉलिसी में उनका व्यापक अनुभव भारत की सुधार यात्रा और 'विकसित भारत' के संकल्प को और अधिक शक्ति प्रदान करेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके प्रयास देश की नीति निर्धारण प्रक्रिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। डॉ. अशोक लाहिड़ी का चयन उनकी चार दशकों से अधिक की विशेषज्ञता को देखते हुए किया गया है। वह भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे संस्थानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी नियुक्ति को सरकार के उस विजन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञता के आधार पर जमीनी सुधार लागू किए जाने हैं। नीति आयोग के इस नए पुनर्गठन में पश्चिम बंगाल के दो बड़े नामों ने जगह बनाई है। डॉ. लाहिड़ी जहां उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वहीं प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. गोवर्धन दास को आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया है। डॉ. दास वर्तमान में IISER भोपाल के निदेशक हैं और इससे पहले जेएनयू में मॉलिकुलर मेडिसिन के प्रोफेसर रह चुके हैं। विज्ञान और अर्थशास्त्र के इन दो विशेषज्ञों का संगम नीति आयोग को बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करेगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार दिलीप मंडल ने भी इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने डॉ. लाहिड़ी के व्यक्तित्व के एक अनूठे पहलू को साझा करते हुए बताया कि डॉ. लाहिड़ी एक ऐसे विद्वान हैं जो अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "भारत के शीर्ष अर्थशास्त्री डॉ. लाहिड़ी, जो धार्मिक आयोजनों में स्वयं 'खिचड़ी प्रसाद' तैयार करते हैं, अब देश की नीतियों का मार्गदर्शन करेंगे। पीएम मोदी ने एक अत्यंत योग्य और सौम्य व्यक्ति का चुनाव किया है। वर्तमान में दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक तनाव से जूझ रही हैं। ऐसे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. लाहिड़ी के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप को तैयार करना। कृषि, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा क्षेत्र में नई जान फूंकना। 'सहकारी संघवाद' को बढ़ावा देते हुए राज्यों की आर्थिक नीतियों को केंद्र के साथ जोड़ना। यद्यपि शनिवार की बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने आगामी बजट के बाद के रोडमैप और प्रमुख सुधारों पर डॉ. लाहिड़ी के साथ चर्चा की है। डॉ. लाहिड़ी का अनुभव अब भारत को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने और घरेलू स्तर पर मजबूत आर्थिक ढांचा तैयार करने में निर्णायक साबित होगा।