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युद्ध से खुली पोल:ग्राम प्रधान बनकर सरकारी सुविधाएं लेने वाली यूक्रेन पढ़ने कैसे गई?पंचायतराज ने लिया संज्ञान,नोटिस भी हुआ जारी!

editor
  • Kanchan Verma
  • March 02, 2022 03:03 AM
War revealed: Vaishali, who took government facilities as village head, went to study in Ukraine, villagers did not even notice, Panchayat Raj took cognizance, notice also issued

छात्रा यूक्रेन के हालातों का ज़िक्र करते हुए भारतीय सरकार से उन्हें बचाने की अपील कर रही है। सोशल मीडिया में इस वीडियो पर कई सवाल उठने लगे है जैसे ये लड़की यूक्रेन नही वल्कि भारत मे ही है और बीजेपी की मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रही है। और ये भी कहा जा रहा है कि ये लड़की उत्तरप्रदेश के सांडी ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र यादव की बेटी वैशाली यादव है और महेंद्र यादव हमेशा ही बीजेपी के विरोधी रहे है।
दरअसल ये लड़की वाकई महेंद्र यादव की ही पुत्री है और आपको जानकर हैरानी होगी कि ये खुद ग्राम प्रधान है,जी हाँ! वैशाली उत्तरप्रदेश के हरदोई के सांडी ब्लॉक के तेरापुर सेली की रहने वाली हैं और यूक्रेन में डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई कर रही है। वैशाली पिछले साल उत्तरप्रदेश में हुए पंचायत चुनाव में गांव आई थी यहां से वैशाली ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा और वो जीत भी गयी। अब सवाल ये उठता है कि ग्राम प्रधान बनने के बाद वैशाली यूक्रेन कैसे जा सकती है क्या गांव की मासूम जनता के साथ ये खिलवाड़ नही?भारत सरकार ग्राम प्रधान को सैलरी देने के अलावा कई सुविधाएं मुहैया करवाती है। उत्तर प्रदेश सरकार हर वित्तिय वर्ष में विकास निधि के अंतर्गत पंचायतों के विकास के लिए बजट निश्चित करती है,पिछले साल ही ग्राम प्रधान को पांच हजार रुपए, क्षेत्र पंचायत प्रमुख को 11,300 रुपए और जिला पंचायत अध्यक्ष को 15,500 रुपए प्रति माह कर दिए गए थे। ग्राम प्रधान की तनख्वाह = मासिक मानदेय + यातायात भत्ता
=₹5000/- + ₹15000/-
=₹20500/-रुपये
तो इस हिसाब से मुखिया (ग्राम प्रधान) का वेतन 20000 रुपये हुआ।यातायात भत्ता ग्राम प्रधान को इसके मिलता है क्योंकि ग्राम प्रधान को गांव के काम के लिए गांव के विकास के लिए बार-बार जनपद में जाना होता है या किसी ना किसी मीटिंग में जाना होता है। तो उस मीटिंग को अटेंड करने के लिए ग्राम प्रधान की जो राशि होती है इसके लिए सरकार प्रधान को एक भत्ता देती है।उत्तरप्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों को वित्तीय अधिकारों को बढाकर पांच लाख और जिला पंचायतों के वित्तीय अधिकारों को बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत की प्रत्येक बैठक का मानदेय एक हज़ार कर दिया गया है। ये सारी सुविधाएं लेने वाली वैशाली यूक्रेन के नेशनल खरकीव यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने किसके खर्चे पर गयी? यूक्रेन में हो रहे युद्ध के बाद जब वैशाली का ये वीडियो वायरल हुआ तो पंचायतराज ने भी मामले का संज्ञान लिया और वैशाली के खिलाफ अब सख्त कार्यवाही करने की योजना बनाई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में वैशाली के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया और पूछा गया है कि ग्राम पंचायत में अब तक कितना खर्च किया इसका पूरा ब्यौरा जल्द दिया जाए।


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